नगर निकाय चुनाव में अलवर की बदहाल सड़कों और बंद स्ट्रीट लाइटों को लेकर भाजपा पर बरसे टीकाराम जूली, बोले- भाषणों से नहीं सुधरेंगी शहर की समस्याएं
अलवर। नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर अलवर शहर में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को शहर के विभिन्न वार्डों में तूफानी जनसंपर्क किया और जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भाजपा सरकार और स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर जमकर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील की।
जनसभाओं में जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने अलवर नगर निगम की वर्तमान स्थिति, शहर की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अलवर नगर निगम का गठन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की देन है, लेकिन भाजपा के शासन में नगर निगम की स्थिति नगर परिषद से भी बदतर हो गई है।
सड़क, स्ट्रीट लाइट और सीवरेज को लेकर भाजपा पर हमला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर की सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, सीवरेज की समस्या बनी हुई है और जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आते हैं। इन समस्याओं के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल के शासन में अलवर विकास के मामले में करीब दस साल पीछे चला गया है। उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं को बुलाकर भाषण करवाने से शहर की टूटी सड़कें ठीक नहीं होंगी और न ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें अपने आप चालू हो जाएंगी। जनता अब भाषण नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शहर की मूलभूत सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। जनता रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है और अब नगर निकाय चुनाव में इन्हीं मुद्दों का जवाब अपने मतदान के जरिए देने को तैयार है।
हार सामने देखकर भाजपा ने उतारी पूरी फौज
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि स्थानीय भाजपा नेताओं को अपनी हार की तस्वीर साफ दिखाई देने लगी है। यही कारण है कि बौखलाई भाजपा ने जयपुर से लेकर दिल्ली तक अपने नेताओं की पूरी फौज अलवर में उतार दी है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय चुनाव में बाहर से बड़े नेताओं को लाकर माहौल बनाने से जनता के वास्तविक मुद्दे नहीं बदलने वाले हैं। अलवर की जनता अपने शहर की समस्याओं और पिछले वर्षों में हुए कामों का हिसाब मांग रही है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह स्थानीय निकाय का चुनाव है और इसमें जनता स्थानीय स्तर पर काम करने वाले प्रतिनिधियों का चुनाव करती है। उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के भाषणों के बजाय वार्ड में रहने वाले प्रत्याशी का काम, व्यवहार और जनता से जुड़ाव ज्यादा महत्वपूर्ण है।
65 वार्डों में कांग्रेस की मजबूती का दावा
जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली ने दावा किया कि अलवर नगर निगम के सभी 65 वार्डों में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है और जनता का रुझान कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि इस बार अलवर की जनता कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाकर नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनाने जा रही है। दोनों नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में जुटने का आह्वान किया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रत्येक वार्ड में कांग्रेस की नीतियों के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाए। मतदाताओं को शहर की वर्तमान स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों की जानकारी देकर कांग्रेस के पक्ष में समर्थन जुटाने की अपील भी की गई।
स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित कांग्रेस का प्रचार
जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली के तूफानी जनसंपर्क अभियान के दौरान कांग्रेस ने चुनावी मुकाबले को स्थानीय समस्याओं और नगर निगम के कामकाज के मुद्दे पर केंद्रित करने की कोशिश की। उनके निशाने पर भाजपा के स्थानीय नेतृत्व के साथ-साथ चुनाव प्रचार के लिए अलवर पहुंच रहे बड़े नेता भी रहे।
कांग्रेस नेताओं ने जनता से अपील की कि इस चुनाव में केवल भाषणों और राजनीतिक दावों के आधार पर फैसला न करें, बल्कि शहर के विकास, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को ध्यान में रखकर मतदान करें।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में जनता के पास अपने वार्ड और शहर की दिशा तय करने का अवसर है। कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया कि अलवर की जनता इस बार कांग्रेस के पक्ष में जनमत देगी और नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।
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