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    भगवान की आराधना से मिलेगा सच्चा सुख, राग-द्वेष छोड़ मोक्ष मार्ग पर बढ़ें : मुनि अभिनन्दन सागर

    मोक्ष मार्ग की साधना में धर्म और तप को अपनाना जरूरी, अहिंसा स्थल पर प्रतिदिन हो रहे प्रवचन

    अलवर। अहिंसा स्थल दिगम्बर जैन मंदिर में चातुर्मास पर विराजमान दिगम्बर जैन संत मुनि अभिनन्दन सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को यदि जीवन में सच्चा सुख प्राप्त करना है तो उसे भगवान की आराधना और धर्म के मार्ग को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राग-द्वेष से दूर रहकर जीवन को धर्म के प्रति समर्पित करना और तप व आराधना की ओर बढ़ना ही मनुष्य जीवन की सार्थकता है।

    भगवान की आराधना से सच्चा सुख
    भगवान की आराधना से सच्चा सुख

    अहिंसा स्थल पर चातुर्मास के दौरान आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में मुनि अभिनन्दन सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इस जीवन को केवल सांसारिक मोह-माया और राग-द्वेष में व्यतीत करने के बजाय मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मोक्ष की ओर जाना है तो जीवन में धर्म का मार्ग अपनाना आवश्यक है।

    मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य जन्म प्राप्त करने के बावजूद यदि व्यक्ति अपना जीवन राग-द्वेष और कषायों में ही गुजार देता है तो उसका मनुष्य जन्म सार्थक नहीं हो पाता। जीवन में किसी के प्रति कषाय भाव रखना पाप कर्म के बंध का कारण बनता है। इसलिए व्यक्ति को अपने व्यवहार और विचारों में शुद्धता बनाए रखनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि हम किसी व्यक्ति का सहयोग नहीं कर सकते तो कम से कम उसके जीवन में बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए। किसी की शांति भंग करना और किसी को मानसिक कष्ट पहुंचाना भी पाप कर्म का कारण बन सकता है। धर्म हमें दूसरों के प्रति सद्भाव, करुणा और अहिंसा का भाव रखने की प्रेरणा देता है।

    मुनि अभिनन्दन सागर महाराज ने श्रद्धालुओं से भगवान की आराधना, आत्मचिंतन और संयम के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाहरी सुख स्थायी नहीं होते, जबकि आत्मिक शांति और धर्म की साधना व्यक्ति को वास्तविक सुख की अनुभूति कराती है।

    अहिंसा स्थल के प्रबंधक बच्चू सिंह जैन ने बताया कि मुनि अभिनन्दन सागर महाराज के प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8:15 बजे आयोजित हो रहे हैं। चातुर्मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अहिंसा स्थल पहुंचकर मुनिश्री के प्रवचन का लाभ ले रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि आगामी 19 अगस्त को 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक भी जिनेन्द्र भक्ति और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

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