जयपुर कन्वेंशन: 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी विशाल रैली
प्रमुख मुद्दों पर होगा प्रदर्शन
कन्वेंशन में बिजली बिल 2025, स्मार्ट मीटर, बीज बिल 2025, मनरेगा कानून को समाप्त करने के प्रयास, श्रम कानूनों के स्थान पर लाए गए चार लेबर कोड, शांति बिल, विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून, बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इन नीतियों से मजदूर, किसान, छात्र-युवा और गरीब तबकों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देशहित और आम जनता के भविष्य की रक्षा के लिए जरूरी है।
राजस्थान में जत्था अभियान
निर्णय के अनुसार, श्रीगंगानगर जिले के घड़साना से 24 फरवरी को राज्य स्तरीय जत्था अभियान शुरू होगा, जो विभिन्न जिलों से होते हुए 7 मार्च को जयपुर पहुंचेगा। जयपुर आगमन पर जोबनेर में जत्थे का स्वागत किया जाएगा और दोपहर में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन होगा। इसके बाद सायंकाल 3 बजे जयपुर शहर में आमसभा और प्रदर्शन किया जाएगा।
जयपुर जिले में 20 फरवरी से 7 मार्च तक तथा 8 मार्च से 23 मार्च तक व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। जिला स्तरीय कन्वेंशन के माध्यम से सभी जनसंगठनों को गांव-ढाणी और शहर की बस्तियों तक पहुंचने का आह्वान किया गया।
स्थानीय मुद्दों को भी आंदोलन में शामिल
कन्वेंशन में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों के साथ जयपुर के स्थानीय प्रश्नों को भी प्रमुखता दी गई। कच्ची बस्तियों के पट्टे, कॉलोनियों का नियमन, नशे की समस्या, स्मार्ट मीटर, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति तथा दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों की बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी जैसे मुद्दों पर जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
नेताओं ने कहा कि बस्तियों में जनजागरण अभियान चलाकर समस्याओं के समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा।
कन्वेंशन में व्यापक भागीदारी
कन्वेंशन की अध्यक्षता नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष मोहसिन खान पठान, जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष तहजीबुन और सीटू के जिला अध्यक्ष किशन सिंह राठौड़ ने की।
मुख्य वक्ता पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य और जयपुर जिला सचिव डॉ. संजय “माधव” थे।
इसके अलावा सीटू के राज्य अध्यक्ष भंवर सिंह, डीवाईएफआई के जिला सचिव रितांश आज़ाद, जनवादी महिला समिति की वरिष्ठ नेत्री कुसुम सांईवाल और ज़ीनत अन्वी, दलित शोषण मुक्ति मंच के सत्यनारायण पालीवाल, एसएफआई से युवराज कस्वां, नौजवान सभा के मोहसिन कागज़ी, मनीष कुमार, मोहसिन पठान, अन्वी तथा अखिल भारतीय किसान सभा के हरीशंकर मांडिया सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय
कन्वेंशन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे जनसंघर्षों को व्यापक बनाया जाएगा और 24 मार्च की दिल्ली रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव-गांव, वार्ड-वार्ड अभियान चलाया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन मजदूर-किसान एकता को मजबूत करेगा और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संगठित आवाज बुलंद करेगा।
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