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    महिला अधिकारिता योजनाओं की समीक्षा, जिला कलक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

    महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के प्रचार-प्रसार और सैचुरेशन लक्ष्य पर जोर

    अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक लेकर महिला अधिकारिता विभाग, आईसीडीएस विभाग तथा महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान, वन स्टॉप सेंटर प्रबंधन एवं अन्य प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला सशक्तिकरण से संबंधित सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं में सैचुरेशन स्तर प्राप्त करना विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

    बैठक में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा करते हुए डॉ. शुक्ला ने लिंगानुपात (एसआरबी), एएनसी रजिस्ट्रेशन में वृद्धि, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं की संख्या में कमी लाने जैसे निर्धारित मानकों पर लक्ष्यानुसार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने जिले में व्यापक सर्वे कर घुमंतु परिवारों के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही बाल अधिकारिता विभाग को बालिका गृह निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आगामी छह माह में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश प्रदान किए।

    वन स्टॉप सेंटर और प्रशिक्षण योजनाओं की समीक्षा

    जिला कलक्टर ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली एवं वहां दर्ज होने वाले प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र पीड़ित महिलाओं को आरएससीआईटी कंप्यूटर प्रशिक्षण, स्पोकन इंग्लिश एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

    लाडो प्रोत्साहन और मातृत्व योजनाओं पर विशेष जोर

    बैठक में लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पात्र महिला लाभार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने आईसीडीएस विभाग को पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी आंकड़ों की नियमित प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    पीओएसएच कानून के पालन पर भी जोर

    डॉ. शुक्ला ने निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम (पीओएसएच) के तहत सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में नियमानुसार आंतरिक शिकायत समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहनलाल सोनी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना, लीगल एड क्लीनिक, जागृति यूनिट, लिटरेसी क्लब एवं साथी योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया।

    बैठक में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहनलाल सोनी, अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वितीय बीना महावर, यूआईटी उप सचिव जितेंद्र सिंह नरूका, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक रिषीराज सिंघल, सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र शर्मा, पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा, आईसीडीएस उपनिदेशक महेश चंद्र गुप्ता, समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक लक्ष्मण सिंह, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रविकांत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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