महिला सुरक्षा अभियान के तहत जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और महिला अधिकारियों ने छात्राओं को दिए आत्मरक्षा के गुर
अलवर। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महिला अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और पुलिस की सक्रियता का असर अब दिखाई देने लगा है। अलवर जिले में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। यह जानकारी सोमवार को प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सुरक्षा संवाद कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने दी।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, महिला आईपीएस अधिकारी डॉ. शिवानी और वरिष्ठ आरपीएस अधिकारी अदिति सिंह ने महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अधिकारियों ने महिलाओं को विषम परिस्थितियों में पुलिस और अन्य आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया।
इस दौरान पुलिस के “सिटीजन कॉर्प्स” कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल के माध्यम से महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर उन्हें अधिक सशक्त और जागरूक बनाया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. शिवानी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए जनभागीदारी, जागरूकता अभियान और पुलिस प्रशासन की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और छात्राओं ने भाग लिया और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने सभी महिलाओं से किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक पुलिस की सहायता लेने का आह्वान किया।
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