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    यदि जैन ने प्रथम अभिषेक कर मनाया सम्यक्त्व वर्धन दिवस, जैन संतों के सानिध्य में हुआ दिव्य आयोजन

    जयपुर के गायत्री नगर दिगंबर जैन मंदिर में यदि जैन ने 8 वर्ष पूर्ण करने पर प्रथम अभिषेक और शांति धारा कर सम्यक्त्व वर्धन दिवस मनाया। मुनि श्री पावन सागर जी और सुभद्र सागर जी महाराज ने आशीर्वाद प्रदान किया।

    मिशनसच न्यूज, जयपुर।
    जयपुर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर, गायत्री नगर — महारानी फार्म में मंगलवार सुबह धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच यदि जैन ने अपना सम्यक्त्व वर्धन दिवस बड़े धूमधाम से मनाया। इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में प्रातः 6:45 बजे मुनि संघ के मंगल सानिध्य में प्रथम अभिषेक एवं शांति धारा का दिव्य आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम में परम पूज्य अंतरमन आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा मुनि श्री पावन सागर जी महाराज और मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज के पावन सानिध्य ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से पूर्ण कर दिया।
    इस शुभ वेला में यदि जैन — सुपुत्र प्रतीश छाबड़ा एवं निशा छाबड़ा, सुपोत्र कैलाश चंद – मधु छाबड़ा, ने प्रथम अभिषेक करते हुए धार्मिक संस्कारों के साथ अपना सम्यक्त्व वर्धन दिवस मनाया।

    प्रथम अभिषेक एवं शांति धारा का आयोजन

    मुनि श्री के मुखारविंद से उच्चारण कराए गए मंत्रों के साथ यदि जैन ने अपनी पहली अभिषेक क्रिया संपन्न की। इसके पश्चात शांतिधारा का विशेष कार्यक्रम हुआ, जिसमें परिवारजनों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
    मंदिर परिसर में भक्तों ने इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान का लाभ उठाया और वातावरण “धर्म-लाभ” एवं “जय जिनेन्द्र” के जयघोष से गूंज उठा।

    वग्गी में बैठकर हुआ पारंपरिक स्वागत

    समारोह के पश्चात यदि जैन को पारंपरिक वग्गी में बिठाकर बैंड-बाजों के साथ जुलूस के रूप में उनके निवास ‘रत्नत्रय निवास’ तक ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
    यह शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही और पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण महसूस किया गया।

    मंदिर प्रबंध समिति ने किया सम्मान

    मंदिर प्रबंध समिति के मंत्री राजेश जैन वोहरा ने बताया कि यदि जैन ने 8 वर्ष पूर्ण करने के अवसर पर यह विशेष धार्मिक क्रियाएं की हैं, जो जैन धर्म में महत्वपूर्ण संस्कार माने जाते हैं।
    समिति द्वारा यदि जैन को तिलक, माला, पूजा वस्त्र एवं आशीर्वाद देकर सम्मानित किया गया।

    उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी छाबड़ा परिवार की इस धार्मिक भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्कार समाज में धार्मिक चेतना का संचार करते हैं।

    “बालकों को धार्मिक संस्कार देना समाज का कर्तव्य” — अरुण शाह

    मंदिर पावन समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने धर्म सभा का संचालन करते हुए कहा—
    “यह परिवार और समाज के लिए परम सौभाग्य की बात है कि यदि जैन ने 8 वर्ष की आयु में प्रथम अभिषेक कर धार्मिक संस्कार ग्रहण किए। जो भी बालक प्रथम अभिषेक करता है, मंदिर समिति उसकी संपूर्ण सम्मान के साथ पुरस्कृत करती है। सभी समाजजनों को अपने बच्चों को ऐसे अवसरों पर धार्मिक संस्कार देने चाहिए।”

    सभा में उपस्थित भक्तों ने छाबड़ा परिवार को हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दीं।

    कार्यक्रम का सफल संचालन

    पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित रूप से किया गया। श्रद्धालुओं, परिवारजनों और समाज के वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया।
    प्रेषक उदयभान जैन (जयपुर) ने सभी को कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन जैन समाज की धार्मिक परंपराओं और संस्कारों का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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