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    यमुना जल समझौते के नाम पर जनता को जल नहीं छल दे रही सरकार- टीकाराम जूली

    यमुना जल समझौते को लेकर सरकार धरातल पर काम बताए, एमओयू की राजनीति से पानी नहीं मिलेगा

    जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यमुना जल समझौते और पूर्वी राजस्थान से जुड़ी जल परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार यमुना जल के मुद्दे पर केवल समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की घोषणाएं कर रही है, जबकि धरातल पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही।

    टीकाराम जूली
    टीकाराम जूली

    टीकाराम जूली ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेश की जनता को यमुना जल उपलब्ध कराने के नाम पर लगातार घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन अब तक ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि जनता केवल आश्वासनों के बजाय योजनाओं के क्रियान्वयन की अपेक्षा रखती है।

    पानी के मुद्दे पर सरकार को घेरा

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यमुना जल परियोजना को लेकर पूर्व में भी समझौते किए गए थे और अब पुनः नए समझौतों की चर्चा हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व में हुए समझौतों के बाद अब तक कितनी प्रगति हुई और उसका लाभ आमजन तक कितना पहुंचा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसान और आम नागरिक अभी भी पेयजल एवं सिंचाई जल की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को योजनाओं की वास्तविक प्रगति सार्वजनिक करनी चाहिए।

    ईआरसीपी को लेकर भी उठाए सवाल

    टीकाराम जूली ने पूर्वी राजस्थान की महत्वपूर्ण जल परियोजना ईआरसीपी (ERCP) का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को परियोजना की वर्तमान स्थिति और अब तक हुए कार्यों की जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

    उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं के नाम बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रभावी कार्यान्वयन से ही जनता को लाभ मिल सकेगा।

    राष्ट्रीय परियोजना के दर्जे का मुद्दा उठाया

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाने के संबंध में कई घोषणाएं की गई थीं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में अब तक हुई प्रगति को स्पष्ट करने की मांग की।

    उन्होंने कहा कि जल संसाधनों से जुड़ी परियोजनाएं राजस्थान के विकास और किसानों के हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन पर राजनीति से अधिक प्राथमिकता के आधार पर कार्य होना चाहिए।

    जनता को जवाब देने की मांग

    टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य सरकार को यमुना जल समझौते और जल परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के जल, किसान और जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।

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