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    राजगढ़ के विशाल जागरण में सुरजीत सिंह ने भजनों से बाँधा समां, बेटी पर रचना ने छू लिया दिल

    नवीन बस स्टैंड राजगढ़ पर जागरण में सुरजीत सिंह के भजनों ने बांधा समां, बेटी पर मार्मिक रचना ने छू लिया दिल

    मिशनसच न्यूज , राजगढ़।
    राजगढ़ कस्बे के नवीन बस स्टैंड पर सोमवार रात्रि आयोजित विशाल जागरण में श्रद्धा, भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध भजन गायक सुरजीत सिंह की आवाज़ में प्रस्तुत गणेश वंदना, हनुमान चालीसा, महादेव और खाटू श्याम के भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    कार्यक्रम का आयोजन शिव मित्र मंडल सेवा समिति के सौजन्य से किया गया, जिसमें क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

    भक्ति रस में डूबा राजगढ़ का जागरण पंडाल

    सुरजीत सिंह ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत गणेश वंदना से की और फिर एक के बाद एक हनुमान जी, महादेव, श्याम बाबा की भजनों की झड़ी लगाकर वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।
    उनके भावपूर्ण और रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत भजनों पर महिला-पुरुष श्रद्धालु झूम उठे, और तालियों की गूंज के बीच हर भजन को सम्मान मिला।

    बेटियों पर मार्मिक रचना ने छू लिया जनमानस

    सुरजीत सिंह द्वारा प्रस्तुत एक रचना ने सभी की आंखें नम कर दी। उन्होंने बेटी के महत्व पर लिखी हृदयस्पर्शी पंक्तियाँ कुछ इस तरह प्रस्तुत की: “बेटे का सम्मान जगत में, बेटी का कोई मान नहीं,
    दुनिया वालों यह तो बताओ, बेटी क्या संतान नहीं?”

    इसके साथ ही, उन्होंने जब गाया

    “बेटियां तो महान होती हैं, मम्मी की जान और पापा की शान होती हैं,”
    तो पूरे पंडाल में करताल ध्वनि से वातावरण गूंज उठा और कई महिलाएं भावविभोर हो उठीं।

    श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन, भक्ति में डूबा रहा हर मन

    जागरण में बाबा श्याम की महिमा, शिव-पार्वती की कथा, और मस्ती भरी पैरोडी भजन भी शामिल रहे, जिन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया।
    कार्यक्रम में कथा वाचक अमन भारती महाराज द्वारा प्रस्तुत कथाओं और ओजपूर्ण वाणी की भी खूब सराहना हुई।

    समिति और गणमान्यजन रहे उपस्थित

    समिति की ओर से गायक सुरजीत सिंह का अभूतपूर्व अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोगों में शामिल थे:

    • महेश सैनी, अंकुर गुप्ता, किशन मुखिजा, सुरेश मीणा (समिति पदाधिकारी)

    • ब्रजेंद्र सिंह बबेली (राजपूत समाज)

    • रश्मि विजय और संगीता विजय (भारत विकास परिषद)

    • जितेंद्र सैनी (पांडुपोल हनुमान मंदिर)

    • अशोक पसारी (कांवड़ सहायता शिविर)

    • अन्य गणमान्य महिला एवं पुरुष श्रद्धालु

    भक्ति, संगीत और सामाजिक संदेश का समन्वय

    इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि भजन-संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और भक्ति का प्रभावशाली माध्यम भी हो सकता है।
    सुरजीत सिंह की प्रस्तुति ने भक्तों के मन को तो छुआ ही, साथ ही बेटियों के सम्मान और संवेदना का भी संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

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