भर्तृहरि धाम में राजस्थान पुजारी महासंघ की बैठक में पुजारियों ने मंदिरों में हो रही चोरियों पर गहरी चिंता जताई। पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और रात्रि गश्त पुनः शुरू करने की मांग की गई।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
राजस्थान पुजारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आज श्री भर्तृहरि धाम मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में मंदिरों में हो रही लगातार चोरियों और प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर पुजारियों ने गहरी चिंता जताई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिरों की सुरक्षा के अभाव में धार्मिक आस्थाओं पर लगातार आघात हो रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंडित विवेकानंद शर्मा ने कहा कि “प्रशासन की लापरवाही के कारण एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पाँच-पाँच मंदिरों में एक साथ चोरी होना गंभीर मामला है। जब मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है, तो पुजारियों की सुरक्षा का भरोसा कैसे किया जा सकता है?”
उन्होंने बताया कि महासंघ ने इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। चोरियों पर रोक लगाने के लिए रात्रि गश्त व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू करने की मांग भी की गई।
पंडित शर्मा ने आगे कहा कि अगर प्रशासन ने अब भी ध्यान नहीं दिया, तो पुजारी महासंघ को मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा। “धर्मस्थलों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, क्योंकि ये केवल मंदिर नहीं बल्कि समाज की आस्था के केंद्र हैं,” उन्होंने कहा।
पुजारी महासंघ की प्रमुख मांगें
सभी मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
पुलिस द्वारा रात्री गश्त तत्काल शुरू की जाए।
मंदिरों में हुई हालिया चोरियों की निष्पक्ष जांच हो और अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
धार्मिक स्थलों पर CCTV और चौकीदार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पुजारियों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन नियमित संवाद रखे।
बैठक में उपस्थित पुजारियों ने कहा कि मंदिरों में चोरियों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, परंतु पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है। कई मामलों में तो चोर पकड़ में ही नहीं आए। इससे न केवल आर्थिक हानि होती है बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी फैलती है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख पुजारियों में आचार्य राजेन्द्र शर्मा, महेश चंद शर्मा, मोनू पंडित, राजकुमार शर्मा, रमाकांत शर्मा, बालकिशन शर्मा, देवराज शर्मा, कंचन शर्मा, रघुवीर स्वामी, श्याम सुंदर पाराशर, योगेश शर्मा, नत्थूराम शास्त्री, योगानंद शर्मा, अनिल शर्मा, जयदीप शर्मा, लोकेश शर्मा, चितरंजन शर्मा, रामकृष्ण गोस्वामी आदि शामिल रहे।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले कुछ दिनों में पुजारी महासंघ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपेगा और यदि संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए तो भर्तृहरि धाम से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया कि मंदिरों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाने के लिए विशेष टीम गठित की जाए, ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।


