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    राजस्थान में रोजगार बढ़ाने को सेवामित्र जैसी पहल की मांग

    उत्तर प्रदेश मॉडल पर सेवामित्र सेवा शुरू करने का आग्रह

    भरतपुर। राजस्थान में कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को एक संगठित सरकारी मंच उपलब्ध कराने की मांग को लेकर समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विस्तृत पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर “सेवामित्र” जैसी सुविधा राज्य में भी लागू करने का आग्रह किया है।

    पत्र में गुप्ता ने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, बढ़ई, राजमिस्त्री, वेल्डर, पेंटर, गृह-सेवा सहायिका, तकनीशियन, ड्राइवर सहित अन्य श्रमिकों को एक सरकारी पोर्टल से जोड़कर पारदर्शी एवं सुरक्षित सेवा प्रणाली विकसित की है, जिससे नागरिकों को त्वरित और विश्वसनीय सेवाएं मिल रही हैं।

    उत्तर प्रदेश मॉडल की प्रमुख विशेषताएं

    • विभिन्न घरेलू एवं तकनीकी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित युवाओं का एकीकृत ऑनलाइन पंजीकरण

    • श्रमिकों का पहचान सत्यापन एवं सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित

    • नागरिकों के लिए ऐप/हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित सहायता

    • श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार और नियमित आमदनी का स्रोत

    राजस्थान में आवश्यकता क्यों?

    सीताराम गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में शहरों और गांवों में नागरिकों को आवश्यकता के समय विश्वसनीय कार्यकर्ता उपलब्ध नहीं हो पाते। श्रमिकों और घरेलू सहायिकाओं के लिए कोई केंद्रीकृत सरकारी रोजगार तंत्र नहीं है। सत्यापित प्रोफाइल वाला मंच उपभोक्ता सुरक्षा, पारदर्शिता और सेवा-मानकीकरण सुनिश्चित करेगा।

    उन्होंने बताया कि इससे बड़ी संख्या में बेरोजगार एवं प्रवासी युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा तथा स्मार्ट सिटी, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ होगा।

    प्रस्तावित “राजस्थान सेवामित्र सहायता पोर्टल” की रूपरेखा

    गुप्ता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार एक व्यापक मंच शुरू करे, जिसमें—

    • विभिन्न तकनीकी एवं घरेलू सेवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण

    • कौशल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन

    • सत्यापित प्रोफाइल के साथ मोबाइल ऐप/हेल्पलाइन

    • सेवा शुल्क का सरकारी दर निर्धारण

    • महिला सुरक्षा हेतु विशेष सत्यापन प्रावधान

    • ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवा विस्तार

    • डिजिटल भुगतान एवं बिलिंग सुविधा

    • आपातकालीन सेवाओं के लिए त्वरित प्रतिक्रिया यूनिट

    उन्होंने कहा कि यह पहल “रोजगारयुक्त एवं आत्मनिर्भर राजस्थान” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे लाखों परिवारों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

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