रोहतक में देशभर से संतों और श्रद्धालुओं का आगमन जारी, महंत बालकनाथ ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रोहतक। हरियाणा के रोहतक स्थित पवित्र धाम मठ अस्थल बोहर में सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ जी का तीन दिवसीय वार्षिक मेला 23 फरवरी से प्रारंभ होगा। 23 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
इस वार्षिक मेले में नागा साधुओं सहित देशभर के विभिन्न मठों के गद्दीनशीन महंत और संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। आयोजन को लेकर मठ परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
मेले के दौरान विभिन्न अखाड़ों और मठों से जुड़े संतों का आगमन होगा। संत योगेश्वर सहित अनेक गद्दीनशीन महंत 23 फरवरी को मठ अस्थल बोहर पहुंचेंगे और 25 फरवरी तक चलने वाले कार्यक्रमों में भाग लेंगे। धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन तीनों दिन निरंतर चलेगा।
यह मेला केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। श्रद्धालु बाबा मस्तनाथ जी की समाधि पर माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मठ के गद्दीनशीन महंत बालकनाथ ने मेला स्थल का विस्तृत निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि बताते हुए स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महंत बालकनाथ ने बताया कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है।
मेले में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। इसके अलावा धार्मिक प्रवचन, संत सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मेला स्थल पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवा, अस्थायी पार्किंग स्थल और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा यातायात के वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं ताकि भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा मस्तनाथ जी के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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