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    लाडो प्रोत्साहन योजना भुगतान में खैरथल-तिजारा जिला राज्य में तीसरे स्थान पर, 92.9% बालिकाओं को मिला लाभ

    राजस्थान की लाडो प्रोत्साहन योजना में खैरथल-तिजारा जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 2328 में से 2163 बालिकाओं के खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से पहुंची।

    मिशनसच न्यूज, खैरथल।
    राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो प्रोत्साहन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में खैरथल-तिजारा जिला ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की प्रशासनिक सक्रियता, स्वास्थ्य विभाग की सजगता और योजनाओं के समयबद्ध निष्पादन को दर्शाती है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अरविंद ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक 2328 जीवित बालिकाओं के जन्म दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 2163 बालिकाओं के खातों में लाडो प्रोत्साहन योजना की राशि का भुगतान पूर्ण किया जा चुका है। यह कुल लाभार्थियों का 92.9 प्रतिशत है, जो राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।

    डॉ. अरविंद ने बताया कि यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, लिंगानुपात में सुधार लाने तथा बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। जिले में स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित विभागों के समन्वय से यह लक्ष्य हासिल किया गया है।

     बालिका के जन्म से स्नातक तक आर्थिक संबल

    लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जीवित बालिका के जन्म पर कुल ₹1,50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि विभिन्न चरणों में किस्तों के रूप में दी जाती है, ताकि बालिका की शिक्षा निरंतर जारी रहे और परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।

     किस्तों का विवरण

    यदि महिला का प्रसव राजकीय अस्पताल में होता है, तो—

    • प्रथम किस्त: बालिका जन्म पर ₹2500

    • द्वितीय किस्त: बालिका के 9 माह पूर्ण होने एवं समस्त टीकाकरण के बाद ₹2500

    इसके पश्चात शेष 5 किस्तों का भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है—

    • स्कूल में प्रवेश पर तीसरी किस्त

    • कक्षा 5 उत्तीर्ण करने पर

    • कक्षा 10 उत्तीर्ण करने पर

    • कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर

    • स्नातक उत्तीर्ण करने पर अंतिम किस्त

    सभी किस्तों का भुगतान डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बालिका की माता के बैंक खाते में किया जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

    आवश्यक दस्तावेज

    योजना का लाभ लेने के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य हैं—

    • जन आधार कार्ड

    • आधार कार्ड

    • बैंक पासबुक की प्रति

    • प्रसव का राजकीय अस्पताल में होना आवश्यक

    सीएमएचओ ने बताया कि समय पर दस्तावेज जमा कराने से भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होती।

    जिला प्रशासन की अपील

    जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने वाली इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लें और निर्धारित समयसीमा में सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित विभाग में जमा कराएं। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करती है।

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