प्रभारी मंत्री विजय सिंह ने विकसित भारत-जीरामजी योजना को ग्रामीण आत्मनिर्भरता की गारंटी बताया
मिशनसच न्यूज, जयपुर। राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग के राज्यमंत्री तथा कोटपूतली-बहरोड़ जिला प्रभारी मंत्री श्री विजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत-जीरामजी योजना’ ग्रामीण भारत के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ठोस गारंटी है। यह योजना विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
श्री विजय सिंह सोमवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले की ग्राम पंचायत बसई में आयोजित जनसुनवाई एवं रात्रि चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को विकसित भारत-जीरामजी योजना के उद्देश्यों, संरचना और लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान और मजदूर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए नरेगा को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नरेगा की कमियों को दूर कर लाई गई नई व्यवस्था
प्रभारी मंत्री ने बताया कि विकसित भारत-जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य नरेगा की पूर्ववर्ती कमियों को दूर करना, व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और जवाबदेही को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे मजदूरों को समय पर भुगतान, काम की उपलब्धता और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायतों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने का अधिकार दिया गया है। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाई जाएंगी और विकास कार्य अधिक प्रभावी तरीके से धरातल पर उतरेंगे। साथ ही ग्रामीण सभाओं को सशक्त बनाकर आमजन की सीधी भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
125 दिन का रोजगार और समयबद्ध भुगतान की गारंटी
राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि योजना के तहत मजदूरों को वर्ष में 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। मजदूरी की राशि सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। यदि किसी कारणवश भुगतान में 15 दिन से अधिक की देरी होती है, तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। यह व्यवस्था मजदूरों के आर्थिक अधिकारों को मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत एक नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किया जाएगा, जो काम मांगने, मजदूरी प्राप्त करने और अधिकारों की मांग के लिए एक वैध दस्तावेज होगा। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण युवा हुनर सीखकर स्वरोजगार और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
जनसुनवाई में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परिवादों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे।
राज्य सरकार भी अंत्योदय के संकल्प के साथ कार्यरत
विजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार भी अंत्योदय की भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोटपूतली-बहरोड़ जिले में विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
रात्रि चौपाल में योजनाओं की विस्तृत जानकारी
रात्रि चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, तारबंदी योजना, जल संचय जन भागीदारी अभियान, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, फार्म पॉण्ड योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान सहित महिलाओं और युवाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं शामिल रहीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई।
ग्रामीणों ने किया प्रभारी मंत्री का भव्य स्वागत
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री का भव्य स्वागत किया और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लिए आभार जताया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विकसित भारत-जीरामजी योजना से गांवों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, पलायन रुकेगा और गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
विकसित भारत की ओर मजबूत कदम
कार्यक्रम के अंत में श्री विजय सिंह ने कहा कि विकसित भारत-जीरामजी योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यदि सरकार, प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करें, तो गांवों का सर्वांगीण विकास निश्चित है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने गांव को समृद्ध बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
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