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    विधिक जागरूकता शिविरों में छात्रों को मिला कानून का ज्ञान, नशा छोड़ने का लिया संकल्प

    कठूमर के तीन विद्यालयों में मानव तस्करी पीड़ितों के अधिकार, महिला संरक्षण और नशा मुक्ति पर किया गया जागरूक

    कठूमर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अलवर के तत्वावधान में मंगलवार को कठूमर क्षेत्र के तीन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में विद्यार्थियों और आमजन को कानूनी अधिकारों, मानव तस्करी पीड़ितों के संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया।

    शिविरों का आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हुल्याना, टीकरी और सोंखर में किया गया। तालुका विधिक सेवा समिति, कठूमर की सचिव रूचि शर्मा ने बताया कि शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

    उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर के अध्यक्ष अनंत भंडारी एवं सचिव मोहनलाल सोनी के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए। तीनों विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

    320 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय टीकरी में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उदय सिंह अलोरिया, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राधेश्याम चौधरी एवं पीएलवी योगेश चौहान उपस्थित रहे।

    हुल्याना विद्यालय में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युधिष्ठिर मीना तथा पीएलवी वीरेन्द्र कुमार नूंगरवार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। वहीं सोंखर विद्यालय में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट आदित्य शर्मा तथा पीएलवी अनुजा शर्मा ने कानूनी जानकारी दी। शिविरों में कुल लगभग 320 विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया।

    मानव तस्करी पीड़ितों के अधिकारों की दी जानकारी

    कार्यक्रम में NALSA की मानव तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण पीड़ित योजना-2015 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि योजना के तहत पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा, पुनर्वास, मुआवजा तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्रदान किया जाता है। साथ ही यह भी बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराता है।

    नशा मुक्ति का दिया संदेश

    अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उदय सिंह अलोरिया ने ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ड्रग्स अभियान’ के तहत विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का आह्वान किया।

    वहीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट युधिष्ठिर मीना ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “नशे को ना कहें, अपने सपनों को हाँ कहें। नशा कोई स्टेटस नहीं, बल्कि अपने मन, शरीर और भविष्य की रक्षा करना ही सबसे बड़ी समझदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक सोच ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।

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