निर्वाचन अधिकारियों ने किया मतदाता से संबधित जमीनी तैयारियों का निरीक्षण, प्रशिक्षण और जनसंपर्क होंगे अभियान के आधार स्तंभ
मिशनसच न्यूज, जयपुर, । “कोई भी मतदाता छूटे नहीं”— इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान-2025 की तैयारी जोरों पर है। यह अभियान वर्ष 2002 के बाद पहली बार इतने व्यापक और सुनियोजित रूप में आयोजित किया जा रहा है। राज्य में चुनाव आयोग की इस महत्त्वपूर्ण पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग ने सभी स्तरों पर तैयारियों की गति तेज कर दी है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने स्पष्ट कहा है कि—
“किसी भी अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी पूर्व तैयारी कितनी ठोस और जमीनी हो।”
इसी भावना के अनुरूप, विभाग ने न केवल योजनाएं बनाई हैं, बल्कि अमल की दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं। राज्य के सभी संभागीय आयुक्त, 41 जिला निर्वाचन अधिकारी एवं 200 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ इस अभियान की कार्य योजना पर गहन चर्चा की जा चुकी है।
271 मास्टर ट्रेनर्स को मिल चुका है प्रशिक्षण
अभियान की शुरुआत से पहले, राज्य स्तर पर 271 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया है, जो 28 जुलाई से जिला एवं विधानसभा स्तर पर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आरंभ करेंगे। यह प्रशिक्षण इस अभियान की रीढ़ साबित होगा, ताकि हाउस टू हाउस सर्वेक्षण, दस्तावेज संकलन, मतदाता सूची अद्यतन और नई प्रविष्टियों का कार्य त्रुटिरहित तरीके से हो सके।
जमीनी तैयारियों का निरीक्षण: बस्सी, बगरू, विद्याधर नगर और हवामहल विधानसभाएं बनीं केंद्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार, विशेषाधिकारी श्री सुरेश चंद्र एवं उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री सोमदत्त दीक्षित ने शनिवार को बस्सी विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और वहां की तैयारियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष श्रीवास्तव भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण दल ने बस्सी, बगरू, विद्याधर नगर एवं हवामहल विधानसभाओं के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं उप-निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। श्री सुरेश चंद्र ने विशेष रूप से हाउस टू हाउस सर्वेक्षण के दौरान दस्तावेजों की प्रमाणिकता, फार्म भरने की प्रक्रिया, सत्यापन और डेटा एंट्री की सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
बस्सी विधानसभा के अधिकारियों ने बताया कि 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या वाले बूथों का रेशनलाइजेशन कर कार्य को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में पहल की गई है।
मतदाताओं की सुविधा हेतु हेल्प डेस्क की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान श्री दीक्षित ने उन स्थानों का भी अवलोकन किया, जहां आगामी दिनों में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि—
“हेल्प डेस्क का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता भ्रमित न हो और उसे समय रहते सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।”
यह डेस्क मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, सुधार करवाने या अन्य जानकारियों के लिए त्वरित सहायक साबित होंगे।
एक जवाबदेह और समावेशी लोकतंत्र की दिशा में प्रयास
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री महाजन का यह कथन कि “हर मतदाता की भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती की नींव है”— इस पूरे अभियान की आत्मा है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2025 न केवल एक तकनीकी प्रक्रिया है, बल्कि यह लोकतंत्र में सहभागिता और उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
राज्य निर्वाचन विभाग इस बार महज मतदाता सूची के अद्यतन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि समाज के हर वर्ग — विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को भी मतदाता सूची में पूरी तरह से शामिल किया जाए।
2002 के बाद पहली बार इतना व्यापक पुनरीक्षण अभियान।
271 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान, 28 जुलाई से BLO का प्रशिक्षण शुरू।
बस्सी, बगरू, विद्याधर नगर और हवामहल में जमीनी तैयारियों का निरीक्षण।
हाउस टू हाउस सर्वेक्षण और रेशनलाइजेशन पर विशेष जोर।
हेल्प डेस्क से मतदाताओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की योजना।
राज्य निर्वाचन विभाग की यह पहल न केवल तकनीकी दक्षता का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का भी स्पष्ट संकेत है कि राजस्थान एक मजबूत, समावेशी और सक्रिय लोकतंत्र की ओर तेजी से अग्रसर है।
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