झुलसने के बाद मामला गंभीर, हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया
अलवर। जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर से एक दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 6 वर्षीय मासूम बच्चे की जिंदगी के साथ गंभीर लापरवाही या मजबूरी की तस्वीर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार देव (6 वर्ष), पिता परमजीत, घर में खेलते समय गर्म दूध से झुलस गया। इस हादसे में बच्चा करीब 40 प्रतिशत तक झुलस गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजन उसे तुरंत बड़े अस्पताल ले जाने के बजाय 5 से 6 दिन तक आसपास ही इलाज कराते रहे। इस दौरान मासूम लगातार दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसे विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल पाया।
जैसे-जैसे बच्चे की हालत बिगड़ती गई, तब परिजनों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ और वे उसे अलवर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए भेज दिया।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह परिजनों की लापरवाही थी या फिर जागरूकता और संसाधनों की कमी? यदि समय पर उचित इलाज मिल जाता, तो संभवतः बच्चे की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि झुलसने के मामलों में तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
फिलहाल मासूम की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी और समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
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