मोबाइल एप से घर बैठे फेस रिकग्निशन द्वारा सत्यापन की सुविधा, पुनः शुरू होगी रुकी पेंशन
मिशनसच न्यूज, जयपुर। राज्य सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसी क्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रदेशभर के पेंशन लाभार्थियों से अपील की है कि वे शीघ्र अपना वार्षिक भौतिक सत्यापन करवा लें, ताकि पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंत्री गहलोत ने स्पष्ट किया कि किसी भी पेंशनर की पेंशन स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है। यदि किसी लाभार्थी की पेंशन सत्यापन के अभाव में अस्थायी रूप से रोकी गई है, तो वार्षिक सत्यापन पूरा होते ही पेंशन पुनः प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को नियमित सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
सरकार की प्राथमिकता – हर पात्र पेंशनर को समय पर भुगतान
सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र वृद्ध, विधवा, दिव्यांग या जरूरतमंद नागरिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को सरल, सुगम और डिजिटल बनाया है।
उन्होंने बताया कि विभाग लगातार ऐसी प्रक्रियाएं विकसित कर रहा है, जिससे पेंशनर्स को बिना लाइन में लगे, बिना कार्यालयों के चक्कर काटे, आसानी से सत्यापन की सुविधा मिल सके। इससे पारदर्शिता भी बनी रहती है और अपात्र व्यक्तियों को योजना से हटाकर वास्तविक पात्रों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
1 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक होती है वार्षिक सत्यापन प्रक्रिया
मंत्री गहलोत ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों के लिए प्रति वर्ष भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। यह प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक संचालित की जाती है। यदि इस अवधि में कोई लाभार्थी सत्यापन नहीं करवा पाता है, तो उसकी पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
हालांकि उन्होंने दोहराया कि सत्यापन के बाद रुकी हुई पेंशन पुनः चालू कर दी जाती है, इसलिए पेंशनर्स को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय रहते सत्यापन करवा लेना चाहिए।
अब घर बैठे मोबाइल एप से भी हो सकता है सत्यापन
पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। मंत्री गहलोत ने बताया कि लाभार्थी एंड्रॉइड मोबाइल फोन के माध्यम से Rajasthan Social Pension और Aadhar Face RD एप का उपयोग कर फेस रिकग्निशन आधारित सत्यापन घर बैठे कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में लाभार्थी को केवल अपने मोबाइल से एप डाउनलोड कर आधार आधारित फेस पहचान के जरिए सत्यापन करना होता है। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल रही है।
ई-मित्र केंद्रों पर भी उपलब्ध है सुविधा
जिन लाभार्थियों के पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे ई-मित्र कियोस्क अथवा ई-मित्र प्लस केंद्रों पर जाकर फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) के माध्यम से सत्यापन करवा सकते हैं।
इसके लिए निर्धारित सेवा शुल्क इस प्रकार है –
ई-मित्र कियोस्क पर ₹50
ई-मित्र प्लस केंद्र पर ₹10
मंत्री ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि भविष्य में यह प्रक्रिया और अधिक सुलभ तथा न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी पेंशनर को आर्थिक या तकनीकी कारणों से परेशानी न हो।
पेंशनर्स से समय पर सत्यापन की अपील
सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रदेश के सभी पेंशन लाभार्थियों से अपील की कि वे समय रहते अपना वार्षिक सत्यापन अवश्य करवा लें। इससे पेंशन भुगतान नियमित बना रहेगा और किसी भी प्रकार की अस्थायी रुकावट से बचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार पेंशनर्स के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
डिजिटल राजस्थान की दिशा में मजबूत कदम
सरकार द्वारा फेस रिकग्निशन आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करना डिजिटल राजस्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जहां एक ओर सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर बुजुर्ग पेंशनर्स को घर बैठे सुविधा मिल रही है। यह पहल सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की सोच को साकार करती है।
प्रदेश में लाखों पेंशनर्स इस योजना से जुड़े हैं, जिनके लिए यह प्रक्रिया जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति को बिना बाधा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिलता रहे।
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