जोधावास स्कूल में भवन और सुविधाओं की बदहाली से नाराज छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन, शिक्षा विभाग ने 13 शिक्षक किए लेकिन दो शिफ्ट के प्रस्ताव पर अटकी बात
अलवर। राजस्थान में नई पीढ़ी के छात्र अब अपनी मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर मुखर नजर आ रहे हैं। अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के जोधावास गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान छात्र-छात्राएं धरने पर बैठ गए। छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और बातचीत का प्रयास किया।
मामले के बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में 7 शिक्षकों की नियुक्ति स्कूल में कर दी। इससे विद्यालय में शिक्षकों की संख्या अब 13 हो गई है। हालांकि स्कूल भवन की कमी को देखते हुए विभाग की ओर से विद्यालय को दो शिफ्ट में संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन छात्र और ग्रामीण इस पर सहमत नहीं हुए। सहमति नहीं बनने के बाद शिक्षा विभाग की टीम वापस लौट गई।
छात्रों और ग्रामीणों ने अब शुक्रवार सुबह दोबारा धरने पर बैठने की बात कही है।
बरामदे का पटाव भरभराकर गिरा, बाल-बाल बचे छात्र
दरअसल, जोधावास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बरामदे का पटाव अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि जिस समय पटाव गिरा, उस दौरान वहां कोई छात्र-छात्रा या शिक्षक मौजूद नहीं था। इसके चलते बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंच गए। ग्रामीणों ने मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। स्कूल भवन की खराब स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं में भी नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने धरना शुरू कर दिया।
बारिश में टपकते हैं कमरे, पेड़ों के नीचे पढ़ने की मजबूरी
छात्रों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में वर्तमान में केवल दो कमरे हैं और बारिश के दौरान दोनों कमरों की छत से पानी टपकता है। ऐसे में बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार उन्हें पेड़ों के नीचे बैठकर समय गुजारना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल क्रमोन्नत होने के बावजूद पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। पहले विद्यालय में केवल पांच शिक्षक कार्यरत थे। छात्रों का कहना है कि स्कूल में खेल मैदान की भी व्यवस्था नहीं है। पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर भी विद्यार्थियों ने नाराजगी जताई।
शिक्षकों की संख्या 13 हुई, लेकिन दो शिफ्ट पर नहीं बनी सहमति
छात्रों के धरने की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल स्कूल पहुंचा। अधिकारियों ने छात्रों और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद तत्काल 7 नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई।
इससे विद्यालय में अब कुल 13 शिक्षक हो गए हैं। हालांकि भवन में कमरों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूल को दो शिफ्ट में संचालित करने का प्रस्ताव रखा। छात्र और ग्रामीण इस प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं हुए।
मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण शिक्षा विभाग की टीम को वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों की ओर से छात्रों और ग्रामीणों से लगातार बातचीत की जा रही है।
कंडम घोषित हो चुका है स्कूल भवन
जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि जोधावास का स्कूल भवन इसी वर्ष कंडम घोषित किया गया था। भवन की खराब स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। साथ ही विद्यालय के लिए नए भवन की तलाश और जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालय के लिए नया भवन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्रों की मांगों और शिक्षा विभाग के बीच पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में शुक्रवार को विद्यार्थियों और ग्रामीणों के दोबारा धरने पर बैठने की चेतावनी से मामला एक बार फिर गरमा सकता है।
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