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    स्वामी विवेकानंद स्मारक पर लोकमंथन यात्रा का भव्य स्वागत, संस्कृति की झलक से गूंजा अलवर

    राजस्थान की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प, भारत विकास परिषद् ने यात्रियों का किया आत्मीय अभिनंदन

    अलवर। राजस्थान की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोककला, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से निकाली जा रही लोकमंथन यात्रा का अलवर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। भारत विकास परिषद् अलवर शाखा की ओर से नंगली चौराहा स्थित स्वामी विवेकानंद स्मारक पर यात्रा में शामिल सदस्यों एवं अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया गया।

    भारत विकास परिषद् अलवर शाखा के अध्यक्ष गिरीश गुप्ता ने कहा कि लोकमंथन यात्रा राजस्थान की लोकसंस्कृति, कला, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। अलवर की धरती पर यात्रा के सदस्यों का स्वागत करना परिषद् के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।

    तिलक, अंगवस्त्र और प्रसाद से हुआ अभिनंदन

    लोकमंथन यात्रा का दल सुबह 8 बजे केशव कृपा से रवाना होकर करीब 8:15 बजे स्वामी विवेकानंद स्मारक पहुंचा। यहां भारत विकास परिषद् अलवर शाखा के अध्यक्ष गिरीश गुप्ता के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने यात्रियों का कुमकुम तिलक लगाकर, अंगवस्त्र पहनाकर और मिश्री प्रसाद भेंट कर स्वागत किया।

    स्वागत समारोह को आकर्षक बनाने के लिए स्मारक के बाहरी प्रवेश द्वार को रंग-बिरंगी चुनरियों और फूलों से सजाया गया। परिसर के बाहर सफेद रेखाओं से सुंदर एवं व्यवस्थित वातावरण तैयार किया गया। प्रवेश द्वार पर रामधुन की मधुर स्वर-लहरियां गूंजती रहीं, वहीं स्मारक भवन के भीतर धीमी ॐ ध्वनि के बीच श्रद्धा और शांति का माहौल बना रहा।

    स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पमाला

    लोकमंथन यात्रा दल के सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर गुलाब के फूलों की भव्य माला अर्पित की। इसके बाद यात्रियों को उस विशेष कक्ष के दर्शन कराए गए, जहां स्वामी विवेकानंद आकर ठहरे थे।

    इस अवसर पर भारत विकास परिषद् के पूर्व रीजन संरक्षक डॉ. के.के. गुप्ता ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और अलवर से उनके जुड़ाव के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के साथ सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाया।

    ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का किया भ्रमण

    लोकमंथन यात्रा के अंतर्गत अलवर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण भी निर्धारित किया गया। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे स्कीम नंबर 8 स्थित जैन बी.एड. कॉलेज में यात्रा का स्वागत किया गया और विभिन्न गतिविधियां आयोजित हुईं।

    इसके बाद दोपहर 1:30 बजे हसन खां मेवाती पैनोरमा तथा 1:50 बजे बाबा भर्तृहरि पैनोरमा के दर्शन किए गए। यात्रा दल दोपहर 2:30 बजे आदर्श ग्राम बुर्जा के लिए रवाना हुआ।

    सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों की रही सहभागिता

    लोकमंथन यात्रा के आयोजन में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने सहभागिता निभाई। अलवर जिले में यात्रा से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी विभिन्न संगठनों एवं अधिकृत व्यक्तियों ने संभाली।

    इस अवसर पर भारत विकास परिषद् अलवर शाखा के सचिव अशोक कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष लोकेश गोयल, जिला समन्वयक राधेश्याम, पूर्व अध्यक्ष सुरेश गोयल, रमेश चन्द अग्रवाल, च्यवन भार्गव, शशांक झालानी और कपिल शर्मा सहित परिषद् के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

    लोकमंथन यात्रा के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अलवर में हुए स्वागत और विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण ने इस यात्रा को सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर प्रदान किया।

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