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    हलैना में किसान सम्मेलन की तैयारी तेज, ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की उठी मांग

    पूर्व सांसद रामकिशन बोले — मुख्यमंत्री अपने प्रभाव से दिलाएं परियोजना दर्जा, पानी संकट से जूझ रहे किसान

    हलैना। भरतपुर जिले के कस्बा हलैना में प्रस्तावित किसान सम्मेलन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। शतायु पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने गांव-गांव नुक्कड़ बैठकों के माध्यम से किसानों से संवाद करते हुए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को शीघ्र राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग उठाई।

    पूर्व सांसद ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के विश्वासपात्र हैं और उन्हें अपने संबंधों का उपयोग करते हुए ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो वर्ष पूर्व स्वयं ईआरसीपी-पीकेसी परियोजना का उद्घाटन कर चुके हैं, इसके बावजूद अब तक इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया जाना कई सवाल खड़े करता है।

    सोमवार को ग्राम भूतोली व मुखैना में आयोजित बैठकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भरतपुर और डीग जिलों में पानी और रोजगार का गंभीर संकट बना हुआ है। मुख्यमंत्री इन समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं, इसलिए समाधान में देरी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पहले ही केंद्र सरकार की नीतिगत देरी के कारण करीब 10 वर्ष पिछड़ चुकी है। शुरुआती लागत 37 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर कुछ कार्य कर रही है, लेकिन केंद्र की मदद के बिना इतनी बड़ी योजना पूरी होना संभव नहीं है।

    रामकिशन ने यमुना जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1994 में हुए समझौते के तहत द्वितीय चरण का पानी अभी तक भरतपुर और डीग को नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार चूरू और झुंझुनूं तक पानी पहुंचाने की बात कर रही है तो पहले स्थानीय किसानों को उनका हक मिलना चाहिए।

    किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने ग्रामीणों से 18 फरवरी को हलैना में आयोजित किसान सम्मेलन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सिंचाई पानी के अभाव, बढ़ती लागत और फसलों के उचित दाम नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। बाणगंगा नदी में भी प्रथम चरण में पानी उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। सम्मेलन में खेती और किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

    बैठकों के दौरान ग्रामीणों ने पूर्व सांसद पंडित रामकिशन और किसान नेता इन्दल सिंह का स्वागत किया। कार्यक्रम में वैद्य गुलाब सिंह, अनिल शर्मा, वैद्य सतीश पालीवाल, पूर्व सरपंच केशव देव शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा बाई, उदय सिंह भूतौली, रमन आमौली, गिरधारी मुखैना, रामबाबू अम्बेश, बलदेव सिंह, नेकराम सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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