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    21 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, प्रसिद्ध CA को बनाया शिकार, BJP नेता पर शिकंजा

    ग्वालियर| मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अशोक विजयवर्गीय के साथ हुई 21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी के सनसनीखेज मामले में राज्य साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। साइबर सेल की विशेष टीम ने शाजापुर जिले के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ "फौजी" को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि ठगी गई इस विशाल रकम में से 50 लाख रुपये सीधे जगदीश मालवीय के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

    क्या है पूरा साइबर ठगी का मामला?

    यह पूरा गंभीर मामला दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच का है। शातिर साइबर अपराधियों ने सीए अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में भारी निवेश करने और उस पर बंपर मुनाफा कमाने का लालच दिया था। जालसाजों ने भरोसे का जाल बुनकर उनसे अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में कुल 21 करोड़ रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। ठगी की इस बेहिसाब रकम को छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए कई 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) का इस्तेमाल किया गया था। इस मामले की गहराई से जांच करते हुए जब साइबर सेल ने खातों की छानबीन की, तो पता चला कि धोखाधड़ी के इन रुपयों का एक बड़ा हिस्सा शाजापुर के भाजपा नेता जगदीश मालवीय के खाते में भी पहुंचा है।

    संदिग्ध ट्रांजैक्शन के खुलासे के बाद हुई गिरफ्तारी

    बैंक खातों की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को जगदीश मालवीय के खाते में करीब ढाई करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन (ट्रांजैक्शन) के पुख्ता प्रमाण मिले। इसके बाद राज्य साइबर सेल की टीम तुरंत शाजापुर रवाना हुई और आरोपी जगदीश मालवीय को हिरासत में लेकर ग्वालियर ले आई।

    ग्वालियर में कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी जगदीश ने कई बड़े और अहम खुलासे किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि यह पूरा हाई-प्रोफाइल घोटाला एक अंतर-राज्यीय (इंटर-स्टेट) म्यूल अकाउंट गैंग द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस गिरोह के सदस्य देश के अलग-अलग राज्यों में आम और भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसके बाद उस अवैध रकम को क्रिप्टोकरेंसी या अन्य माध्यमों से देश से बाहर भेज दिया जाता है।

    पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई

    साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी जगदीश मालवीय इस अंतरराष्ट्रीय गैंग के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने का अवैध काम करता था। ठगी की रकम को आगे घुमाने और सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में उसके खातों का प्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल, पुलिस आरोपी से लगातार गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह के असली मास्टरमाइंड और अन्य फरार सदस्यों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने आरोपी जगदीश के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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