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    Homeराज्यमध्यप्रदेशफफूंदनाशक की गड़बड़ी से 1500 एकड़ सोयाबीन फसल बर्बाद, किसानों में हड़कंप

    फफूंदनाशक की गड़बड़ी से 1500 एकड़ सोयाबीन फसल बर्बाद, किसानों में हड़कंप

    आष्टा। आष्टा के कन्नोद रोड स्थित कीटनाशक दवा विक्रेता मेसर्स अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स को अमानक फफूंदनाशक दवा बेचने पर सील कर दिया गया है। इसे लेकर आष्टा विकासखंड के लगभग 115 से 120 किसानों ने सोयाबीन बीज के उपचार के लिए सुपर 709 नामक फफूंदनाशक दवा मेसर्स अम्बिका पाटीदार ट्रेडर्स से खरीदी थी। इस दवा की निर्माता कम्पनी यूनीवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज नागपुर है। इस दवा के उपयोग के बाद फसल में अंकुरण आया, लेकिन पौधों में वृद्धि नहीं हो पाई थी।

    आष्टा विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की बोवनी के समय बीज में खराब बीजोपचार पाउडर मिलाने से अंकुरण नहीं हुआ है। इससे नाराज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कृषि विभाग, प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर अफसर हरकत में आए और नगर की जिस दुकान से पाउडर खरीदा था। वहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इधर, किसानों ने कलेक्ट्रेट में जाकर कार्रवाई के लिए ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि आष्टा के गांवउर्ली, अरोलिया, परोलिया, गोपालपुर, खेमपुर गुलरिया, धुराड़ा सहित अन्य गांव के किसानों ने आष्टा के कन्नौद रोड स्थित अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स से बीजोपचार पाउडर खरीदा था। इसे मिलाने के बाद किसानों ने बोवनी की तो सोयाबीन बीज का खेत में अंकुरण नहीं हुआ है। कई जगह पर पौधों की ग्रोथ नहीं हो सकी। किसानों का आरोप है कि दुकानदार ने उनको पैसे लेकर खराब और अमानक पाउडर बेचा, जिससे ऐसी स्थिति बनी है। फसल खराब होने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी।

    किसानों से समन्वय स्थापित कर तीन दिन में दे जवाब

    बताया जाता है कि क्षेत्र की लगभग 1500 एकड़ की सोयाबीन फसल नष्ट हो गई हैं। इस शिकायत की जांच के लिए कृषि विभाग ने सहायक संचालक के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जांच में टीम द्वारा शिकायत सही पाई गई। शिकायत सही पाए जाने पर दवा विक्रेता की दुकान मेसर्स अम्बिका पाटीदार ट्रेडर्स को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा संबंधित विक्रेता और निर्माता कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन किसानों का नुकसान हुआ हैं, उन किसानों से समन्वय स्थापित कर समस्या का निराकरण करें और तीन दिनों में विभाग को अवगत कराएं। निराकरण न करने की स्थिति में विक्रेता और निर्माता कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    लाइसेंस निरस्त होगा

    इस संबंध में कृषि विभाग के एसडीओ बीएस मेवाड़ा ने बताया कि अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स पर दवाई के सैंपल की कार्रवाई के बाद नोटिस जारी किया गया था। जिसका संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते दुकान सील की गई है। साथ ही दुकान का लाइसेंस निरस्त कर संचालक पर एफआईआर हो सकती है।
     

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