जयपुर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारियों के लिए एक बड़ी और खुशी की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए राजस्थान कैडर में पदोन्नति कोटे के तहत 18 वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किए जाने की मंजूरी दे दी है।
यूपीएससी और राज्य सरकार की चयन प्रक्रिया के तहत फैसला
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य सरकार के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद वर्ष 2025 की चयन सूची के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। इस पदोन्नति से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे 1998 और 1999 बैच के इन अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से राज्य के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूती और गति मिलने की पूरी उम्मीद है। केंद्र सरकार की इस घोषणा के तुरंत बाद राज्य की मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी 18 पदोन्नत अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल प्रशासनिक भविष्य की कामना की।
पदोन्नत होने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की सूची
डीओपीटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2025 की रिक्ति कोटे (01 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025) के तहत चयनित अधिकारियों का विवरण इस प्रकार है:
1998 बैच के पदोन्नत अधिकारी: गोपाल राम बिरदा, मेघना चौधरी, ओमप्रकाश जैन, राजेश सिंह, मुकेश कुमार शर्मा, महेंद्र कुमार शर्मा, अंजू राजपाल, अरुण प्रकाश शर्मा (प्रोविजनल), राम स्वरूप (प्रोविजनल), विवेक कुमार, मदनलाल नेहरा, दिनेश कुमार जांगिड़, पूनम प्रसाद सागर, उम्मेद सिंह और महावीर खराड़ी।
1999 बैच के पदोन्नत अधिकारी: डॉ. भागचंद बधाल, असलम शेर खान और नरेंद्र कुमार बंसल।
(नोट: सूची में शामिल अरुण प्रकाश शर्मा और राम स्वरूप के नाम विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में अंतिम मंजूरी के अधीन प्रोविजनल यानी अस्थायी रूप से रखे गए हैं।)
प्रशासनिक गलियारों में खुशी का माहौल
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद राज्य के प्रशासनिक महकमे और आरएएस एसोसिएशन में उत्साह का माहौल है। ये सभी अधिकारी अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न जिलों और विभागों में अतिरिक्त पंजीयक, एडीएम, निदेशक तथा संभागीय आयुक्त कार्यालयों जैसे अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आईएएस कैडर में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद अब राज्य सरकार द्वारा जल्द ही इनके नए पदस्थापन (पोस्टिंग ऑर्डर्स) जारी किए जाने की संभावना है, जिसके बाद कई विभागों में नई प्रशासनिक नियुक्तियां देखने को मिलेंगी।


