जयपुर। जयपुर में आबाकारी विभाग ने 27 शराब की दुकानों को सील कर दिया। लाइसेंस धारकों ने इसका कड़ा विरोध किया और कहा है कि प्रशासन ने मनमाने ढंग से एक्शन लिया है। अधिकारियों के अनुसार, बकाया लाइसेंस फीस, सिक्योरिटी सहित अन्य फीस का भुगतान न करने के वजह से 9 दुकानें सील की गई हैं। वहीं 18 दुकानों ने दिसंबर तक मिनिमम सेल टारगेट तो पूरा कर लिया था, लेकिन आबकारी नियमों के तहत निर्धारित अनुपात (RML, RSGSM) में शराब का उठान नहीं किया।एक आबाकारी अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई नियमों के तहत ही की गई है। उन्होंने कहा, 'इन दुकानों ने गारंटी की शर्तों को पूरा नहीं किया, बुनियादी लाइसेंस शुल्क और अन्य बकाया राशि जमा नहीं की, और कई मामलों में निर्धारित अनुपात के मुताबिक शराब का उठान नहीं किया।'वहीं लाइसेंस धारकों ने इस कदम का विरोध करते हुए तर्क दिया कि फाइनेंशियल ईयर खत्म होने में अब भी तीन महीने का वक्त है। ऐसे में नियमों के तहत दुकानों को सील किए जाने के बजाय पेनल्टी लगाने जाने का प्रावधान है। कई लाइसेंस धारकों ने तो ये भी दावा किया है कि कम से कम 18 दुकानों ने सरकारी डिपो से निर्धारित गारंटी राशि से ज्यादा कीमत की शराब खरीदी और टैक्स का भी पूरा भुगतान किया।राजस्थान के 23 जिलों में घना कोहरा और शीतलहर का अलर्ट, 27 जिलों में स्कूल बंदये भी पढ़ें:जयपुर में पहली बार आर्मी डे परेड, महल रोड पर ट्रैफिक अलर्टये भी पढ़ें:जयपुर में 92 साल के रिटायर प्रोफेसर डॉ. आनंद कश्यप ने बनाया पुरुषार्थ मॉडल लाइसेंस धारकों ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर के बीच उनकी बिक्री फाइनेंशियल ईयर की पहली तीन तिमाही के लिए तय टारगेट से ज्यादा रही है। एक अन्य लाइसेंस धारक ने कहा 'अधिकारियों से कहा गया कि वे पिछले 9 महीनों में हासिल अतिरिक्त टारगेट को जनवरी से मार्च तक की चौथी तिमाही के टारगेट में जोड़ सकते हैं लेकिन ऐसा करने से इनकार कर दिया गया और दुकानों पर एक्शन ले लिया।

