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    5 साल में 4 बार टेंडर, फिर भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा नहीं, अब 2028 तक टली डेडलाइन

    जानिए  1.04 लाख करोड़ रुपए की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की यह विशाल परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही 

    स्टेट ब्यूरो मिशन सच, जयपुर । 

    राजस्थान से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण में एक बड़ा रोडा सामने आया है। इसके कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पूरा होने की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2028 कर दी है। दरअसल, यह रोडा गुजरात में वलसाड और नवसारी जिलों के बीच 35.4 किलोमीटर के छोटे से स्ट्रेच के निर्माण को लेकर है, जिसे पूरा करने के लिए एनएचएआई पांच साल से संघर्ष कर रहा है। इसके चलते 1.04 लाख करोड़ रुपए की यह विशाल परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।

    इस छोटे से हिस्से के लिए 5 साल में 4 बार टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन समस्या सुलझने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटनाक्रम में एनएचएआई ने भोपाल की ठेका कंपनी बंसल कंस्ट्रक्शन वर्क प्राइवेट लिमिटेड का टेंडर रद्द करने के बाद दोबारा निविदाएं आमंत्रित की हैं।

    ​क्या है ताजा अड़चन?

    बंसल कंस्ट्रक्शन सबसे कम बोली (L1) लगाकर विजेता बनी थी। कंपनी ने अनुमानित लागत 1,476 करोड़ रुपए से 10 प्रतिशत कम की बोली लगाई थी। बाद में कंपनी ने काम शुरू करने के लिए लेटर ऑफ अवार्ड स्वीकार करने से इनकार कर दिया। ​इसके जवाब में एनएचएआई ने कंपनी की 14.76 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर ली और टेंडर रद्द कर दिया।

    ​5 साल से बन रहा सिरदर्द

    ​यह 35.4 किमी का हिस्सा (जुजुवा से गंदेवा सेक्शन) कितना सिरदर्द बन चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2021 से लेकर अब तक एनएचएआई चौथी बार इस पैकेज-8 के लिए टेंडर आमंत्रित कर रही है। वर्ष ​2021 में पुणे की ठेकेदार कंपनी रोडवे सॉल्यूशंस इंडिया इंफ्रा लिमिटेड को यह काम हाइब्रिड एंन्यूटी मोड के तहत दिया गया था। ​काम में अत्यधिक देरी के कारण एनएचएआई ने मार्च 2023 में रोडवे सॉल्यूशंस का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया।

    ​हैरानी की बात यह रही कि नवंबर 2023 में इसी कंपनी (रोडवे सॉल्यूशंस) को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मोड के तहत यह काम फिर से सौंप दिया गया। यह कंपनी काम को आगे नहीं बढ़ा पाई। एनएचएआई ने दिसंबर 2025 में केवल 4.85% काम होने के कारण इस पैकेज को फिर से रद्द कर दिया। जनवरी 2026 में फिर से नए टेंडर जारी किए गए। भोपाल की बंसल कंस्ट्रक्शन ने बोली जीतने के बाद काम लेने से मना कर दिया। इससे NHAI को 14 सितंबर को फिर से नई बोलियां आमंत्रित करनी पड़ीं।
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    परियोजना की समय सीमा पर असर

    ​लगातार हो रही इस देरी के कारण 1,386 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को पूरा करने की समय सीमा आगे खिसका दी गई है। एनएचएआई ने अब परियोजना की समय सीमा को बढ़ाकर 30 जून 2028 कर दिया है। ​आक्रामक और अवास्तविक बोलियां रोकने के लिए एनएचएआई ने 15 जुलाई को एक नया सर्कुलर भी जारी किया है। इसमें ठेकेदारों से अतिरिक्त प्रदर्शन गारंटी लेने का प्रावधान किया गया है। फिलहाल, NHAI का कहना है कि वे इस स्ट्रेच का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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