राजर्षि कॉलेज, अलवर के 1971–74 बैच के एलएलबी विद्यार्थी 21 दिसम्बर को 50 साल बाद मिलन समारोह मनाएंगे। रिवाज रिसोर्ट में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
मिशनसच न्यूज, अलवर।
अलवर के लिए 21 दिसम्बर का दिन एक यादगार अवसर लेकर आने वाला है, जब राजर्षि कॉलेज में सन् 1971 से 1974 तक एलएलबी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी लगभग 50 साल बाद एक मंच पर फिर से एकत्रित होंगे। यह ऐतिहासिक मिलन समारोह अलवर के रिवाज रिसोर्ट (कम्पनी बाग के सामने) में सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें पुराने साथियों के संस्मरण, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और भावनात्मक पलों का मिलन देखने को मिलेगा।
इस आयोजन की जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता खिल्लीमल जैन ने साझा की। उन्होंने बताया कि इस अवधि के विद्यार्थी रहे और वर्तमान में न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके रामकिशन यादव और बी.डी. खण्डेलवाल इस आयोजन की पहल के मुख्य सूत्रधार हैं। अलवर में आयोजित चर्चा के दौरान दोनों ने खिल्लीमल जैन से इस कार्यक्रम को अलवर में आयोजित करने पर सहमति बनाई और इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने का निर्णय लिया।
खिल्लीमल जैन ने बताया कि 50 वर्षों की लंबी अवधि के बाद यह दुर्लभ मौका आया है जब उस समय के एलएलबी विद्यार्थी फिर से आपस में मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ मुलाक़ात भर नहीं बल्कि उन दिनों की सुनहरी यादों को ताजा करना, एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करना और जीवन की यात्रा में हुए बदलावों को समझना है।
उनके अनुसार उस दौर के विद्यार्थी आज विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं—कई न्यायिक सेवाओं से जुड़े रहे, कई सामाजिक और कानूनी सेवाओं में सक्रिय रहे और अनेक ने अपने प्रोफेशनल क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किया।
21 दिसम्बर को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक मिलन समारोह नहीं बल्कि एक भावनात्मक संगम होगा, जहाँ विद्यार्थी अपने कॉलेज जीवन, मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं, क्लासरूम की यादों, शिक्षकों के साथ बिताए हुए दिनों और दोस्ती के उन अनमोल पलों को याद करेंगे जिन्होंने उनके जीवन की दिशा निर्धारित की।
समारोह की विशेषता यह भी होगी कि इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। प्रतिभागियों के बीच संवाद, अनुभव और हास्य-विनोद से भरी बातचीत के साथ-साथ कई ऐसे क्षण भी सामने आएंगे जो इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाएंगे। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों के लिए विशेष स्वागत सत्र, स्मृति चिह्न और एक साथ भोजन की व्यवस्था भी होगी।
अलवर के राजर्षि कॉलेज की यह एलएलबी बैच अपने समय में अत्यंत सक्रिय और प्रतिभाशाली मानी जाती थी। 50 वर्षों बाद उनका एक साथ मिलना न केवल उनके लिए बल्कि अलवर शहर के लिए भी गर्व का विषय है। यह आयोजन नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा भी है कि शिक्षा, मित्रता और साथ बिताए हुए पल जीवनभर कैसे जुड़े रहते हैं।
समारोह के आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं और कई विद्यार्थी देश के विभिन्न शहरों से आने की पुष्टि कर चुके हैं। ऐसे में 21 दिसम्बर को अलवर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगा, जब आधी सदी पुराने साथ फिर से एक-दूसरे की बाँहें थामेंगे और पुरानी यादों की कहानी को एक नया आयाम देंगे।
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