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    भोपाल के चर्चित 90 डिग्री पुल मामले में 7 अफसरों की वापसी, रेलवे को निगम का नोटिस

    भोपाल | राजधानी भोपाल का चर्चित '90 डिग्री टर्न' वाला पुल एक बार फिर चर्चा में है। इस परियोजना में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किए गए लोक निर्माण विभाग (PWD) के 7 अधिकारियों को सरकार ने बहाल कर दिया है। बहाली पाने वालों में दो तत्कालीन चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी प्रमुख सचिव द्वारा भेजे गए बहाली के प्रस्ताव को मंत्री राकेश सिंह ने मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि इन सभी अधिकारियों को जून 2025 में कार्य में गंभीर चूक के चलते निलंबित किया गया था।

    जमीन की जंग: टॉयलेट के सामने रेलवे की दीवार पर निगम सख्त

    सुभाष नगर आरओबी (90 डिग्री पुल) के पास बने एक सार्वजनिक शौचालय को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच टकराव बढ़ गया है। रेलवे ने जिस जमीन को अपना बताकर शौचालय के सामने बाउंड्री वॉल खड़ी की थी, अब नगर निगम ने उस पर अपना दावा ठोंका है। निगम के कार्यपालन यंत्री आरआर जारोलिया ने रेलवे को पत्र लिखकर साफ किया है कि राजस्व रिकॉर्ड (खसरा नंबर 1081 और 1082) के अनुसार, यह 12 हजार वर्गफीट से अधिक जमीन म्युनिसिपल बोर्ड के नाम दर्ज है। निगम ने रेलवे को चेतावनी दी है कि यदि अवैध रूप से बनाई गई दीवार तुरंत नहीं हटाई गई, तो निगम खुद कार्रवाई कर उसे ध्वस्त कर देगा।

    सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक, जनता ने पूछा- 'शौचालय के लिए बनेगा फ्लाइओवर?'

    रेलवे द्वारा शौचालय के मुख्य द्वार के ठीक सामने दीवार खड़ी किए जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर इस अजीबोगरीब स्थिति का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही है। लोग तंज कसते हुए पूछ रहे हैं कि क्या अब टॉयलेट के अंदर जाने के लिए भी अलग से अंडरपास या फ्लाइओवर बनाना पड़ेगा? विवाद के बीच जनता का कहना है कि यह सीधे तौर पर टैक्स के पैसों की बर्बादी है। यदि जमीन विवादित थी, तो निगम ने निर्माण क्यों किया और यदि जमीन निगम की है, तो रेलवे ने बिना अनुमति दीवार कैसे खड़ी कर दी?

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