किशनगढ़बास में निरीक्षण के दौरान बसों की जांच, बिना सीट बेल्ट और बिना लाइसेंस मिले चालक
किशनगढ़बास। अलवर-भिवाड़ी हाईवे मार्ग पर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने स्लीपर और लग्जरी बसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई बसों में गंभीर लापरवाहियां सामने आईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान राजस्थान रोडवेज की कई बसों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पैनिक बटन खराब पाए गए, जबकि चालक बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाते मिले।
जांच के दौरान बस संख्या आरजे-40 पीए 3466, आरजे-20 पीबी 2344 और आरजे-02 पीबी 8762 की जांच की गई। तीनों बसों में सुरक्षा उपकरणों में कमियां पाई गईं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों और चालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जितेंद्र ट्रेवल्स की बस संख्या आरजे-02 पीबी 0634 की भी जांच की गई। इस दौरान बस चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला। अधिकारियों ने उसे आवश्यक निर्देश देकर छोड़ दिया।
संयुक्त टीम ने भिवाड़ी शहर के भिवाड़ी मोड़ और तावडू चेक पोस्ट पर भी वाहनों की जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने कहा कि बसों में पैनिक बटन, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का सही स्थिति में होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने यात्रियों से भी यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच करने की अपील की।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी बस में सुरक्षा से जुड़ी कोई कमी दिखाई देती है तो उसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग अथवा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर दी जानी चाहिए।
इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी राजीव चौधरी, एसआई शिवलाल यादव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी सूरजभान कछवाहा और पुलिस बल मौजूद रहा।
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