भिवंडी: महाराष्ट्र के भिवंडी में सामने आए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह लीक हुआ प्रश्नपत्र किसी डिजिटल माध्यम से नहीं बल्कि सीधे प्रिंटिंग प्रेस के डिस्पोजल बॉक्स से चोरी किया गया था।
डिस्पोजल बॉक्स से जूतों में छिपाकर बाहर निकाले गए पेपर
जांच में सामने आया है कि जिन प्रश्नपत्रों में मामूली प्रिंटिंग या स्याही की खामी होती थी, उन्हें नष्ट करने के लिए अलग रखा जाता था। प्रिंटिंग प्रेस के डिस्पोजल क्षेत्र में पर्याप्त निगरानी न होने का फायदा उठाकर कर्मचारियों ने इन प्रतियों को जूतों के तलवों के नीचे छिपाकर प्रेस से बाहर निकाला।
कर्मचारियों और मास्टरमाइंड का मिलाया गया नेटवर्क
इस पूरी साजिश को अंजाम देने वाले प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने चोरी किए गए प्रश्नपत्र पूर्व कर्मचारी को सौंपे, जो आगे अन्य माध्यमों से कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचाए गए। पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों को मामूली रकम और जमीन का लालच देकर इस अवैध कृत्य में शामिल किया गया था।
सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पुलिस की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद इस मामले से जुड़े सभी 15 आरोपियों को भिवंडी अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।


