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    नए न्यायिक रोस्टर के साथ बदलेगी सुनवाई की व्यवस्था, 10 अगस्त से लागू होंगे नए नियम

    दुर्ग| यदि आप भी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शराब पीकर गाड़ी चलाने या वाहन लेकर सड़क पर उतरने की सोच रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाइए क्योंकि दुर्ग पुलिस ने अब ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में सीधे सलाखों के पीछे भेजने की सख्त तैयारी कर ली है। नशे में धुत होकर यात्रियों से भरी बस को तेज रफ्तार में दौड़ाने वाले एक लापरवाह बस ड्राइवर को अदालत ने ऐसा कड़ा सबक सिखाया है कि अब कोई भी चालक स्टियरिंग को हाथ लगाने से पहले सौ बार सोचेगा।

    यात्रियों की जान जोखिम में डालकर चला रहा था बस

    सड़कों पर शराब के नशे में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ दुर्ग यातायात पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजनांदगांव-दुर्ग-भिलाई रूट पर बड़ी संख्या में सवार यात्रियों की जिंदगी दांव पर लगाकर बस चलाने वाले 'गुरुनानक ट्रेवल्स' के ड्राइवर जितेन्द्र देवांगन को पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर मौजूद उप निरीक्षक भीखम और उनकी टीम ने जब ब्रीथ एनालाइजर मशीन से उसकी जांच की, तो ड्राइवर के अत्यधिक नशे में होने की पुष्टि हुई।

    मोटरयान अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

    यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, नशे की हालत में सार्वजनिक यात्री बस का संचालन करना एक अत्यंत गंभीर और आपराधिक लापरवाही है। इस तरह के खतरनाक कृत्य से न सिर्फ बस में बैठे दर्जनों मासूम यात्रियों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की जिंदगी भी दांव पर लग जाती है। इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) की धारा 185 और 184 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की।

    सीजीएम कोर्ट ने सुनाई 3 दिन की जेल की सजा

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीजेएम कोर्ट दुर्ग ने एक सख्त और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी बस ड्राइवर को दोषी करार देते हुए उसे 3 दिन के साधारण कारावास (साधारण जेल) और 15,000 रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।

    दुर्ग जिले के आपराधिक और यातायात इतिहास में 'ड्रंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर वाहन चलाने) के मामले में किसी व्यावसायिक वाहन चालक को सीधे जेल भेजने का यह अपनी तरह का पहला मामला है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मणिशंकर चंद्रा ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि सड़कों पर इस तरह की जानलेवा लापरवाही को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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