नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए देश के दो सबसे वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ा अवसर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति (एसीसी) की महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट सचिव और केंद्रीय गृह सचिव के सेवा काल में एक-एक वर्ष की वृद्धि करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। केंद्र में एनडीए शासन के दौरान पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव गौबा ने कैबिनेट सचिव के तौर पर सर्वाधिक पाँच वर्षों तक सेवाएँ दी थीं, जबकि उनके कार्यकाल के दौरान वरिष्ठ अधिकारी अजय भल्ला ने भी पाँच वर्षों तक गृह मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख की भूमिका निभाई थी।
कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन को मिला एक साल का विस्तार
वर्ष 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. टीवी सोमनाथन ने 30 अगस्त 2024 को देश के कैबिनेट सचिव का पदभार संभाला था। पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार उनका दो वर्षों का प्रारंभिक कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को समाप्त होने जा रहा था, परंतु केंद्र सरकार ने उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उनकी सेवाओं को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ा दिया है। स्वतंत्रता के बाद से अब तक के प्रशासनिक इतिहास में 1982 बैच के अधिकारी राजीव गौबा सबसे लंबी अवधि तक कैबिनेट सचिव पद पर रहने वाले नौकरशाह बने हैं, जिन्होंने पूर्व में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले बीडी पांडे के कार्यकाल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया था।
अजय कुमार भल्ला के नाम दर्ज हुआ दूसरा सबसे लंबा गृह सचिव का कार्यकाल
असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी अजय कुमार भल्ला देश में दूसरे सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले गृह सचिव सिद्ध हुए। उन्हें अगस्त 2019 में इस महत्त्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया था और नवंबर 2020 में होने वाली उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले सेवा विस्तार का सिलसिला शुरू हुआ था। लगातार चार बार सेवा विस्तार प्राप्त करने के बाद अगस्त 2024 में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ और तत्पश्चात वरिष्ठ अधिकारी गोविंद मोहन को देश का नया गृह सचिव नियुक्त किया गया था। भारत के इतिहास में सर्वाधिक समय तक गृह सचिव रहने का कीर्तिमान एलपी सिंह के नाम दर्ज है, जिन्होंने 1964 से 1971 तक लगभग सात वर्षों तक यह पद संभाला था।
गृह मंत्रालय में सचिवों के कार्यकाल का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
ऐतिहासिक दृष्टि से देखा जाए तो अधिकांश प्रशासनिक अधिकारी केंद्रीय गृह सचिव के पद पर केवल दो वर्षों का ही कार्यकाल पूरा कर पाते हैं। अजय भल्ला और राजीव गौबा से पूर्व कमल पांडे, के. पद्मनाभैया, टीसीए श्रीनिवासावरदान और गोविंद नारायण जैसे कुछ ही ऐसे अधिकारी रहे हैं जिन्हें दो वर्ष से अधिक समय तक इस दायित्व को निभाने का अवसर मिला। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह सचिव आरएन बनर्जी ने वर्ष 1947 से 1948 तक अपना दायित्व निभाया था, जिसके बाद एचवीआर अय्यंगर, बीएन झा और वी. विश्वानाथन जैसे दिग्गज अधिकारियों ने गृह मंत्रालय की बागडोर संभाली थी।


