आगरा| उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में नगर निगम के दावों और धरातल पर हकीकत के बीच का अंतर मंगलवार को हुई बारिश के दौरान साफ तौर पर सामने आ गया। भारी बारिश के बाद शहर के दिल्ली गेट स्थित 'पुष्पांजलि अपार्टमेंट' में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे परेशान होकर स्थानीय रहवासियों ने मेयर हेमलता दिवाकर और क्षेत्रीय पार्षद शरद चौहान से गुहार लगाई। पार्षद के साथ जब मेयर मौके पर पहुंचीं, तो जांच में नाला पूरी तरह चोक मिला। यह देखकर मेयर ने तुरंत नगर स्वास्थ्य अधिकारी को मौके पर तलब किया और मशीनें मंगवाकर युद्धस्तर पर नाले की सफाई का कार्य शुरू करवाया।
कागजों में तलीझाड़ सफाई, पर हकीकत में भरा था गंदा पानी
दिल्ली गेट क्षेत्र में नाला चोक होने के कारण मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश का पानी सीधे पुष्पांजलि अपार्टमेंट के बेसमेंट और परिसरों में भर गया था। मौके पर पहुंचीं मेयर हेमलता दिवाकर ने जब स्थिति का जायजा लिया, तो स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि इस मानसून सीजन में यह मुख्य नाला साफ ही नहीं किया गया है।
हैरानी की बात यह रही कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कागजी रिकॉर्ड में यह नाला पूरी तरह से 'तलीझाड़ साफ' दिखाया गया था। नालों की नियमित और उचित सफाई न होने के कारण जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मदिया कटरा से शुरू होकर रवि हॉस्पिटल के पीछे से गुजरने वाला यह नाला दिल्ली गेट होते हुए हरीपर्वत चौराहे तक जाता है, लेकिन लापरवाही के चलते पानी की आवाजाही रुक गई है।
अधिकारियों की सफाई और पार्षद का आरोप
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि क्षेत्र में 'सीएम ग्रिड' (CM Grid) योजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसके कारण नालों के जल प्रवाह में कुछ रुकावटें आ रही हैं। हालांकि, स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मेयर ने तत्काल मौके पर गाड़ियां और मशीनें मंगवाईं और नाले की सफाई का कार्य शुरू कराया। क्षेत्रीय पार्षद शरद चौहान ने मेयर को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि पूरा नाला जाम पड़ा है और इसी वजह से मदिया कटरा तक जलभराव की स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमिगत नाले की केवल कागजों पर ही औपचारिकता पूरी की गई है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
मेयर ने दिए स्थायी समाधान के निर्देश
मौके पर स्थिति का मुआयना करने के बाद मेयर हेमलता दिवाकर ने आश्वासन दिया कि 'सीएम ग्रिड' योजना के तहत बनाए जा रहे बड़े नाले में इस क्षेत्र के सभी छोटे और मध्यम नालों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में इस इलाके के लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सकेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नालों की सफाई ठीक ढंग से न होने के कारण ही आम जनता को इस परेशानी का सामना करना पड़ा है।


