दशहरा मेला दिखाने के बहाने ले गए थे साथ, सुनसान जगह पर चाकू से किए थे गले पर जानलेवा वार
अलवर। करीब आठ वर्ष पुराने चर्चित हत्या के प्रयास के मामले में एडीजे-2 न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन कुमार को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
सरकारी अधिवक्ता महेश मीना ने बताया कि यह मामला 19 अक्टूबर 2018 का है। सैथली गांव निवासी संदीप को पवन कुमार और दीपक दशहरा मेला दिखाने के बहाने अपने साथ ले गए थे। वापसी के दौरान चिरखाना स्थित बिजली पावर हाउस के पास दोनों आरोपियों ने संदीप को झाड़ियों में ले जाकर उस पर चाकू से हमला कर दिया।
आरोपियों ने संदीप का गला रेत दिया और उसकी छाती व कंधे पर भी कई वार किए। हमले के बाद दोनों आरोपी उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संदीप किसी तरह वहां से निकलकर बादल होटल पहुंचा और राहगीरों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां लंबे समय तक उसका उपचार चला।
पीड़ित ने अपने बयान में बताया कि हमले के कारण उसकी स्वर नली कट गई थी, जिससे वह बोलने में असमर्थ हो गया था।
मामले की सुनवाई के बाद एडीजे-2 न्यायालय की न्यायाधीश रिद्धिमा शर्मा ने आरोपी पवन कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 323 के तहत एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने तथा धारा 341 के तहत एक माह के कारावास की सजा भी सुनाई गई।
न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
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