मुंबई। दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान मामले में एक नया और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान अपने कानूनी सलाहकार (वकील) के साथ गुरुवार दोपहर मुंबई स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के कार्यालय पहुंचने वाले हैं। वह इस प्रकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जांच अधिकारियों को सौंपेंगे। इसके साथ ही सतीश सालियान की यह प्रमुख मांग रहेगी कि इस मामले से जुड़े संदिग्धों को अविलंब पूछताछ के लिए तलब किया जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
कानूनी विवाद के बीच नया मोड़
यह घटनाक्रम शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और सतीश सालियान के बीच जारी कानूनी खींचतान के मध्य सामने आया है। गुरुवार को ही आदित्य ठाकरे की ओर से सतीश सालियान द्वारा प्रेषित 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का औपचारिक कानूनी प्रत्युत्तर जारी करते हुए सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया गया।
आदित्य ठाकरे का क्षतिपूर्ति और क्षमा याचना से इनकार
अपने विधिक उत्तर में आदित्य ठाकरे ने मानहानि के समस्त आरोपों का पूर्ण खंडन किया है। उन्होंने न तो क्षमा याचना करने, न ही अपनी सोशल मीडिया टिप्पणियों को वापस लेने और न ही किसी प्रकार का वित्तीय मुआवजा देने की बात स्वीकार की है। जवाब में स्पष्ट किया गया कि सतीश सालियान के संदर्भ में साझा की गई टिप्पणियों को असत्य या मानहानिकारक बताना सर्वथा अनुचित है। 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग निराधार है और इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है, अतः किसी भुगतान अथवा क्षमा याचना का प्रश्न ही नहीं उठता।
उत्तर में यह दलील भी दी गई कि 16 सितंबर को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर की गई टिप्पणी में सतीश सालियान का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं था। नोटिस में ऐसा कोई शब्द अथवा वाक्य चिन्हित नहीं किया गया है जो सीधे तौर पर सतीश सालियान की ओर संकेत करता हो। उनके पक्ष का कहना है कि राजनीतिक वक्तव्यों में जबरन किसी व्यक्ति का नाम जोड़कर मानहानि का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सतीश सालियान के कानूनी सलाहकार का पक्ष
इससे पूर्व 19 सितंबर को सतीश सालियान के अधिवक्ता नीलेश ओझा ने जानकारी दी थी कि आदित्य ठाकरे को सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करने और 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देने हेतु विधिक नोटिस प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा था कि देश के संविधान के समक्ष सभी नागरिक समान हैं और वे कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रख रहे हैं।
प्रकरण की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि दिशा सालियान 8 जून 2020 को मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे दुर्घटनाजन्य मृत्यु के रूप में पंजीकृत किया था। यह घटना अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन से कुछ दिवस पूर्व घटित हुई थी, जिसके पश्चात इस मामले ने व्यापक सार्वजनिक और प्रशासनिक ध्यानाकर्षण प्राप्त किया था।


