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    अमेरिकी बिल बना सियासी मुद्दा, विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर जमकर निशाना साधा

    नई दिल्ली| भारत समेत कई देशों पर भारी-भरकम (100 प्रतिशत तक) टैरिफ का प्रावधान करने वाले अमेरिकी विधेयक के सामने आने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस गंभीर मुद्दे पर विपक्षी दलों के तमाम बड़े नेताओं ने शनिवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतियों की बड़ी विफलता करार दिया है। इसके अलावा, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मसले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा है।

    कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान

    इस पूरे घटनाक्रम पर सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एक प्रमुख समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, "मैं इसे सीधे तौर पर मोदी सरकार की विदेश नीति और आर्थिक कूटनीति की पूरी तरह नाकामी मानता हूँ। हम पिछले कई वर्षों से लगातार रूस से किफायती दामों पर कच्चा तेल और ईंधन खरीदते आ रहे हैं। भारत को कितना और किस देश से ईंधन या तेल खरीदना चाहिए, इस संप्रभु राष्ट्र का यह फैसला पूरी तरह हमारा अपना होना चाहिए, न कि किसी अन्य देश जैसे अमेरिका का। अमेरिका को हमारे आंतरिक और आर्थिक फैसलों में दखल देने का कोई हक नहीं है।"

    "भारत पर शर्तें थोपता है अमेरिका"— पवन खेड़ा

    अमेरिकी सीनेट में रूस से जुड़े प्रतिबंधों वाले विधेयक को मंजूरी मिलने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और नेता पवन खेड़ा ने सवालिया लहजे में कहा, "क्या आपको वाकई लगता है कि आज का भारत सचमुच एक स्वतंत्र देश की तरह जी रहा है? आज स्थिति यह हो गई है कि जो भी विदेशी ताकत आती है, वह भारत को खुलेआम धमकाती है और अपनी मनमानी शर्तें हम पर थोपने की कोशिश करती है। वे हमें यह तय करके देते हैं कि आप किस देश से तेल खरीद सकते हैं, कितना तेल खरीद सकते हैं और कहाँ से तेल नहीं खरीद सकते।"

    खेड़ा ने सरकार पर हमला बोलते हुए आगे कहा, "जो लोग पूरे देश में ढिंढोरा पीटते हुए खुद को 'विश्वगुरु' बताते नहीं थकते, आज उनमें संसद के भीतर जाकर इन सवालों का सामना करने की हिम्मत तक नहीं बची है। जनता को चाहिए कि वे ऐसे लोगों से कड़े सवाल पूछें। सरकार के नुमाइंदों में संसद में जाने का साहस इसलिए नहीं है, क्योंकि वहाँ विपक्ष की तरफ से ये सारे ज्वलंत मुद्दे उठाए जाएंगे और उन्हें देश की जनता के प्रति हर बात के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।"

    अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार को घेरा

    वहीं दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार को चौतरफा घेरने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि आज देश के हर छोटे-बड़े नीतिगत फैसले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधा दखल देखने को मिल रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हर बात को बिना किसी विरोध के मान लेते हैं, चाहे वह देशहित में हो या इसके बिल्कुल विपरीत। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका हर क्षेत्र में भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के खिलाफ फैसले ले रहा है।

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