मुंबई| भारतीय सिनेमा और राजनीति के दिग्गज अभिनेता व राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा के असाधारण जीवन, संघर्ष और शानदार करियर पर आधारित एक बड़ी डॉक्यूमेंट्री अब अपने निर्माण के अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली मशहूर शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' की सफल एडिटिंग के लिए पहचानी जाने वाली प्रतिष्ठित एडिटर संचारी दास इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के साथ बतौर मुख्य संपादक जुड़ी हुई हैं।
लगभग पूरी हो चुकी है शूटिंग, ऐतिहासिक रिसर्च पर आधारित है प्रोजेक्ट
फिलहाल बिना नाम वाली इस बायोग्राफिकल डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन जाने-माने फिल्ममेकर शशि रंजन कर रहे हैं, जिन्होंने इससे पहले चर्चित डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'द रोशन्स' का निर्देशन किया था। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए बेहद गहरे स्तर पर ऐतिहासिक रिसर्च की गई है, जिसके बाद अब इस डॉक्यूमेंट्री की लगभग 90 प्रतिशत शूटिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
सिनेमा और राजनीति की कई दिग्गज हस्तियां आएंगी नजर
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को एक बड़े पैन-इंडिया नॉन-फिक्शन फीचर फिल्म के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो परदे पर शत्रुघ्न सिन्हा के सिनेमाई सफर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक के उतार-चढ़ाव को बयां करेगा। इस डॉक्यूमेंट्री में भारतीय फिल्म उद्योग और सार्वजनिक जीवन की कई बड़ी हस्तियों के साक्षात्कार और संस्मरण शामिल होने की पूरी उम्मीद है।
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस विशिष्ट लिस्ट में दक्षिण और हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार जैसे रजनीकांत, चिरंजीवी, मोहन बाबू, सलमान खान, आमिर खान और अनिल कपूर जैसी नामचीन शख्सियतें शामिल हैं।
खलनायक की भूमिकाओं से शुरू हुआ था अभिनय का सफर
यह डॉक्यूमेंट्री हिंदी सिनेमा में शत्रुघ्न सिन्हा के फर्श से अर्श तक पहुँचने की दिलचस्प कहानी को रूपहले पर्दे पर दिखाएगी। उनके अभिनय सफर की शुरुआत एक ऐसे अभिनेता के रूप में हुई थी, जो फिल्मों में अपनी दमदार और खूंखार नेगेटिव (खलनायक) भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के प्रतिभाशाली पूर्व छात्र रहे सिन्हा ने साल 1969 में फिल्मी दुनिया में अपना आधिकारिक डेब्यू किया था। अपनी अनोखी संवाद अदायगी के दम पर वे जल्द ही हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और पहचाने जाने वाले 'एंटी-हीरो' के रूप में स्थापित हो गए।
शत्रुघ्न सिन्हा का ऐतिहासिक फिल्मी करियर
उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ से की थी। इसके बाद वर्ष 1976 में निर्देशक सुभाष घई की फिल्म ‘कालीचरण’ ने उनके करियर को एक नया और ऐतिहासिक मोड़ दिया, जिसने उन्हें रातों-रात एक स्थापित लीडिंग एक्शन स्टार बना दिया। इसके बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने करियर में ‘विश्वनाथ’, ‘दोस्ताना’, ‘काला पत्थर’ और ‘नसीब’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर और सदाबहार फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे बिखेरे।


