More
    Homeदेशठगी के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, 3718 मोबाइल एप ब्लॉक; लोगों...

    ठगी के खिलाफ सरकार का बड़ा एक्शन, 3718 मोबाइल एप ब्लॉक; लोगों के ₹11,158 करोड़ बचाए गए

    नई दिल्ली: देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। देश भर में साइबर क्राइम से जुड़े मामलों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाने के लिए इस केंद्र को एक विशेष अटैच्ड ऑफिस के रूप में स्थापित किया गया है। इसके तहत 'सहयोग' पोर्टल भी लॉन्च किया गया है, जिसकी मदद से आईटी एक्ट, 2000 के प्रावधानों के तहत सरकारी एजेंसियों द्वारा मध्यस्थों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया को और अधिक तेज व सुगम बनाया गया है।

    हजारों फर्जी लोन ऐप और संदिग्ध नंबर किए गए ब्लॉक

    साइबर अपराधियों द्वारा अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डेटा, जानकारी और कम्युनिकेशन लिंक्स को तुरंत हटाने के उद्देश्य से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। I4C द्वारा आईटी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी में लिप्त लोन ऐप्स सहित कुल 3,718 से अधिक मोबाइल एप्लिकेशन को ब्लॉक किया जा चुका है।

    इसके अलावा, आम नागरिकों की सुविधा के लिए 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (cybercrime.gov.in) संचालित किया जा रहा है, जिस पर लोग किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है। वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं की तुरंत रिपोर्टिंग के लिए शुरू किए गए 'सिटिज़न फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम' के माध्यम से अब तक 32.80 लाख से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी गई रकम को बचाने में सफलता मिली है।

    सस्पेक्ट रजिस्ट्री और म्यूल अकाउंट्स पर शिकंजा

    साइबर अपराधियों की धरपकड़ और उनके तौर-तरीकों पर रोक लगाने के लिए I4C ने वित्तीय संस्थानों और बैंकों के समन्वय से एक 'सस्पेक्ट रजिस्ट्री' भी लॉन्च की है। इसके तहत बैंकों से प्राप्त लाखों संदिग्ध पहचान डेटा और फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले 'लेयर 1 म्यूल अकाउंट्स' की जानकारी साझा की गई है, जिससे लगभग 25,698 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोका जा चुका है। साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों और सरकार द्वारा 15.75 लाख से अधिक सिम कार्ड और 5.77 लाख से ज्यादा आईएमईआई (IMEI) नंबरों को भी ब्लॉक किया जा चुका है।

    शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नए मॉड्यूल

    साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायतों के निष्पादन और बैंकों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक विस्तृत 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) भी जारी किया है। ठगी के शिकार लोगों को उनकी राशि तेजी से वापस दिलाने के लिए 'मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल' और बैंक खातों पर लगी रोक या 'लीन मार्किंग' से जुड़ी समस्याओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाने के लिए 'ग्रीवेंस रिड्रेसल मॉड्यूल' प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here