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    स्कूल बस की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, इलाज के इंतजार में चली गई जान

    गुरगचका बस हादसे में 35 वर्षीय करण धानका की मौत, परिजनों का आरोप—समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस मिलती तो बच सकती थी जिंदगी

    खैरथल-तिजारा। कोटकासिम क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। बीबी रानी चौकी क्षेत्र के गुरगचका गांव के पास द्रोणाचार्य निजी स्कूल की बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को परिजन पहले बीबी रानी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उपचार में कथित देरी के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर उपचार और एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।

    मृतक की पहचान गुनसोर गांव निवासी करण धानका के रूप में हुई है। करण सुबह बाइक से मजदूरी के लिए जा रहा था। इसी दौरान गुरगचका गांव के पास सामने से आ रही द्रोणाचार्य निजी स्कूल की बस ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि करण बाइक से सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे के बाद अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के लिए करना पड़ा इंतजार

    दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल करण को तत्काल बीबी रानी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। परिजनों के अनुसार अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि तत्काल उपचार मिलने से करण की हालत संभल जाएगी। हालांकि, उनका आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर चिकित्सक मौजूद नहीं था।

    परिजनों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक उपचार का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान करण की हालत गंभीर बनी रही। परिजनों ने चिकित्सकीय सहायता और बेहतर उपचार के लिए प्रयास किए, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

    108 एंबुलेंस का इंतजार, फिर निजी वाहन से अलवर ले गए

    करण की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने 108 एंबुलेंस की मदद लेने का प्रयास किया। परिजनों के मुताबिक एंबुलेंस का इंतजार करने के बाद भी समय बीतता गया। आखिरकार वे करण को निजी वाहन से अलवर लेकर रवाना हुए।

    परिजन करण को उपचार के लिए अलवर लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस युवक के परिवार को सुबह उसके मजदूरी पर जाने की उम्मीद थी, कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।

    पिता का आरोप—समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी बेटे की जान

    मृतक करण के पिता ने बीबी रानी सरकारी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क हादसे में घायल होने के बाद करण को समय पर उपचार मिल जाता और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो उसके बेटे की जान बच सकती थी।

    परिजनों ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था और एंबुलेंस उपलब्ध होने में हुई कथित देरी की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हादसे के बाद घायल व्यक्ति के लिए हर एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इलाज में देरी के कारणों की जांच होनी चाहिए।

    पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

    हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस द्वारा सड़क हादसे के कारणों और स्कूल बस से जुड़े मामले की जांच की जा रही है।

    हादसे में युवक की मौत के बाद गुनसोर गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं परिजन अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और कथित उपचार में देरी को लेकर जवाब चाहते हैं। अब पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घायल करण को उपचार उपलब्ध कराने में देरी किन परिस्थितियों में हुई।

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