शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गोहरनी गांव से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जमीन के एक पुराने विवाद के सिलसिले में मौके पर चहारदीवारी (दीवार) हटाने पहुँची राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम के सामने ही 22 वर्षीय युवा किसान आदित्य ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर आग लगा ली। आग से झुलसे इस युवक को तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया है। पीड़ित किसान ने मौके पर मौजूद कानूनगो पर 50 हजार रुपये की अवैध रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा जमीन का विवाद?
गोहरनी गांव निवासी किसान आदित्य के परिवार का अपनी ही भूमि (1.0256 हेक्टेयर) के स्वामित्व को लेकर कुछ अन्य लोगों के साथ एसडीएम न्यायालय में लंबे समय से कानूनी वाद चल रहा है। दोनों पक्ष इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। मामले में 30 अप्रैल 2013 को अंतिम आदेश पारित हुआ था, जिसके बाद दूसरे पक्ष की वीरबाला ने जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए कलक्ट्रेट में आवेदन किया था।
पूर्व में भी राजस्व टीम द्वारा कई बार पैमाइश और कब्जे की कार्रवाई के प्रयास किए गए थे। गत 14 अगस्त को आपसी सहमति से एक पक्ष को कब्जा दिलाया गया था और शेष चहारदीवारी 15 अगस्त तक हटाने का समय दिया गया था। इसी सिलसिले में मंगलवार को राजस्व एवं पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुँची थी।
रिश्वत मांगने का आरोप और आत्मघाती कदम
आदित्य के परिजनों का आरोप है कि सदर तहसील के कानूनगो अमरीश शर्मा ने चहारदीवारी न गिराने की एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पैसे न देने पर प्रशासन की टीम जबरन कार्रवाई करने आ गई। परिजनों का यह भी कहना है कि प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई अग्रिम नोटिस नहीं दिया गया था।
कार्रवाई के दौरान जब विरोध बढ़ा और हंगामे की स्थिति बनी, तो अचानक किसान आदित्य ने अपने पास रखी बोतल से ज्वलनशील पदार्थ निकालकर खुद पर उड़ेल लिया और आग लगा ली।
अधिकारियों पर तमाशबीन रहने और दरोगा पर वीडियो बनाने का आरोप
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि जब आदित्य आग की लपटों से घिरा हुआ था, तब वहां मौजूद तहसीलदार राहुल सिंह, कानूनगो अमरीश शर्मा और अन्य राजस्व कर्मी केवल तमाशबीन बनकर खड़े रहे। इसके अलावा, आदर्श मंडी थाने का एक दरोगा इस भयंकर हादसे में मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से लगातार वीडियो रिकॉर्ड करता नजर आया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लगभग 4.50 मिनट के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसान आग से घिरा है और उसके पिता व अन्य लोग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि अधिकारी हाथ बांधे खड़े हैं।
आदित्य के फूफा देशपाल सिंह ने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही आदित्य और उसके पिता ने सहारनपुर में कमिश्नर से मुलाकात कर बिना नोटिस दिए साठगांठ कर दीवार गिराने के प्रयास की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वायरल वीडियो में भी झुलसता हुआ आदित्य यह कहते सुना जा रहा है कि, "कानूनगो साहब, मैं जा रहा हूं। चार माह से तमाशा करवा रहे हो, आपकी हमसे क्या दुश्मनी थी…"
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर जिला कलेक्टर (DM) आलोक यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। वहीं, एसडीएम सचिन राजपूत का कहना है कि पूरे प्रकरण की तहकीकात की जा रही है। दूसरी ओर, आरोपी कानूनगो अमरीश शर्मा ने अपने ऊपर लगे रिश्वत के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले के विभिन्न पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं।


