नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन भारत के आधिकारिक दौरे पर राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। सोमवार को राष्ट्रपति भवन में स्विस राष्ट्रपति का एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहे।
क्यों अहम है यह राजनयिक बैठक?
टीईपीए (TEPA) की पहली वर्षगांठ: इस उच्च स्तरीय दौरे का मुख्य आकर्षण 7 अक्टूबर को होने वाला दूसरा 'भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन' है। यह आयोजन भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच हुए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने का एक वर्ष पूरा होने का प्रतीक है।
सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार: विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सभी देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा है।
द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, आवागमन, संस्कृति और जन-संपर्क जैसे तमाम अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा, दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
एक साल में दूसरी भारत यात्रा
विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, राष्ट्रपति पार्मेलिन वरिष्ठ अधिकारियों और देश के प्रमुख व्यापारिक नेताओं के एक प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। यह उनकी पहली राजकीय यात्रा होने के साथ-साथ इस वर्ष उनकी दूसरी भारत यात्रा भी है; इससे पहले वे फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने आए थे।
5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य वाणिज्य, निवेश, तकनीकी प्रगति और कार्यबल गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।


