More
    Homeदेश1978 के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, ट्रिपल टेस्ट को रखा...

    1978 के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, ट्रिपल टेस्ट को रखा बरकरार

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 1978 के ऐतिहासिक 'बंगलूरू वाटर सप्लाई' फैसले में तय की गई 'उद्योग' (Industry) की परिभाषा पर पुनर्विचार करने के संदर्भ (Reference) को वैध ठहराया है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली नौ जजों की संविधान पीठ ने 6:3 के बहुमत से निर्णय सुनाते हुए कहा कि इस मामले को बड़ी पीठ के समक्ष पुनर्विचार के लिए भेजा जाना बिल्कुल सही था और यह सुनवाई योग्य है।

    'ट्रिपल टेस्ट' में कोई बदलाव नहीं

    मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि 1978 के फैसले में औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 2(J) के तहत 'उद्योग' की पहचान के लिए तय किए गए 'ट्रिपल टेस्ट' में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अदालत के अनुसार, यह ट्रिपल टेस्ट समय की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरा है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि 1947 के कानून के तहत लंबित या चल रहे सभी मामलों का निपटारा आगे भी 1978 के बंगलूरू वाटर सप्लाई फैसले के सिद्धांतों के आधार पर ही किया जाएगा।

    भविष्य के विवादों पर लागू होगा नया कानून

    भविष्य में आने वाले औद्योगिक विवादों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:

    • आगामी विवादों पर औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code, 2020) लागू की जाएगी।

    • इस नई संहिता की व्याख्या इसके स्वयं के शब्दों, प्रावधानों और संदर्भों के आधार पर ही होगी।

    • 1978 का बंगलूरू वाटर सप्लाई फैसला इस नई संहिता की कानूनी व्याख्या का आधार नहीं बनेगा।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here