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    घुसपैठ को लेकर बंगाल में सियासत तेज, अमित शाह ने ममता पर साधा निशाना

    सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा, घुसपैठ तथा सीमा सुरक्षा बल (BSF) व सशस्त्र सीमा बल (SSB) को जमीन आवंटन के मुद्दे पर राज्य की पूर्ववर्ती सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद तत्कालीन सरकार ने सुरक्षा बलों को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई।

    BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन के आवंटन का दावा

    एसएसबी जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में महज 45 दिनों के भीतर बीएसएफ और एसएसबी के लिए 1,129 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा किया गया। शाह ने जोर देकर कहा कि यह त्वरित निर्णय केवल राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि सीमाओं की सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का परिणाम है।

    पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के लिए घुसपैठ पर रोक अनिवार्य

    अमित शाह ने कहा कि जब तक अवैध घुसपैठ पर पूर्ण विराम नहीं लगता, तब तक पश्चिम बंगाल और भारत की आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो सकती। उन्होंने सीमाओं पर मुस्तैद सुरक्षा बलों के उत्तरदायित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक सशक्त और सुव्यवस्थित सीमा प्रबंधन ही राष्ट्र की अखंडता की पहली शर्त है।

    ममता बनर्जी के साथ बैठक का किया जिक्र

    गृह मंत्री ने एक पुराने घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि वह स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने उनके कार्यालय गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को समझाने का प्रयास किया था कि जिस जमीन की मांग की जा रही है, वह भारतीय जनता पार्टी के लिए नहीं बल्कि बीएसएफ के उपयोग के लिए है। इसके बावजूद भूमि आवंटन नहीं किया गया, जिसके कारण सीमा सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण ढांचागत योजनाएं वर्षों तक लंबित रहीं।

    सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला

    सुरक्षा बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए सिलीगुड़ी में बीएसएफ के फ्रंटियर मुख्यालय के प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखी जा रही है। इसके साथ ही जलपाईगुड़ी में बीएसएफ की 12वीं और 19वीं बटालियन के लिए आवासीय परिसर, गैर-आवासीय भवनों तथा एक ट्रांजिट कैंप के निर्माण के लिए ई-आधारशिला कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है।

    'वंदे मातरम' के 150 वर्ष और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को किया नमन

    अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक चिन्हों का विशेष उल्लेख किया:

    • वंदे मातरम: बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत के 150 वर्ष और आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से इसके पूरे गायन को शाह ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम को नई चेतना दी थी।

    • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान: शाह ने भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के संस्मरण का जिक्र करते हुए बताया कि महान शहनाई वादक के लिए संसद या बड़े मंचों के मुकाबले काशी विश्वनाथ के सानिध्य में गंगा घाट पर सुबह शहनाई वादन करना जीवन का सबसे सुखद अनुभव था।

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