शिक्षा समिति की बैठक में पिछले एक साल के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत, स्वतंत्र ऑडिट और नई कार्यकारिणी की मांग
अलवर। मनु मार्ग स्थित सैनी स्कूल में रविवार को सैनी शिक्षा समिति की आम सभा की बैठक समिति अध्यक्ष जगदीश प्रसाद सैनी के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी की ओर से पिछले एक वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान संस्था द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ समिति के संविधान, नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में समिति की वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान करीब 6 लाख रुपए के कथित अनियमित लेनदेन का मामला सामने आने की बात कही गई। समिति सदस्यों ने इस मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराने की मांग उठाई। हालांकि, बैठक में सामने आए वित्तीय अनियमितता संबंधी आरोपों की अंतिम पुष्टि स्वतंत्र जांच या ऑडिट के बाद ही हो सकेगी।
कार्यकाल का लेखा-जोखा सदस्यों के सामने रखा
सैनी शिक्षा समिति के सदस्य मुकेश कुमार सैनी ने बताया कि आम सभा की बैठक का मुख्य उद्देश्य समिति की ओर से पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए कार्यों और वित्तीय गतिविधियों का लेखा-जोखा समिति से जुड़े सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करना था।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान समिति के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें कुछ अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। उनके अनुसार, करीब 6 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर भी सवाल उठे हैं और इस पूरे मामले की स्वतंत्र ऑडिट कराने की आवश्यकता है।
स्वतंत्र ऑडिट की मांग
मुकेश कुमार सैनी ने कहा कि समिति के पिछले कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों और वित्तीय लेनदेन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष पर व्यक्तिगत आरोप लगाने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि समिति के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने मांग की कि समिति से जुड़े वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
नई कार्यकारिणी बनाने की भी उठी मांग
बैठक के दौरान वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी गठित किए जाने की मांग भी सामने आई। समिति सदस्यों का कहना है कि संस्था के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।
बैठक में समिति के संविधान, नियमों और प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों ने संस्था के वित्तीय एवं प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
फिलहाल करीब 6 लाख रुपए के कथित लेनदेन में अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र जांच और ऑडिट होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
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