चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि उनकी सरकार परंदूर में प्रस्तावित नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रोकने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि भूमि का संरक्षण और स्थानीय किसानों तथा निवासियों की आजीविका सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
कृषि भूमि और आजीविका की सुरक्षा प्राथमिक
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम हवाई अड्डे की वार्षिक क्षमता लगभग तीन करोड़ यात्रियों को संभालने की है। शहर के आर्थिक विस्तार और औद्योगिक माल ढुलाई की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए नए एयरपोर्ट की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके लिए उपजाऊ कृषि भूमि और घनी आबादी वाले इलाकों की बलि नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार नए हवाई अड्डे के लिए ऐसी वैकल्पिक जगह की तलाश करेगी जहाँ जनजीवन और खेती न्यूनतम प्रभावित हो।
12 गांवों के प्रदर्शनकारी किसानों को समर्थन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 20 जनवरी 2025 को एगनापुरम सहित परंदूर और आसपास के क्षेत्रों के किए गए दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां के 12 गांवों के ग्रामीण और किसान अपनी जमीनों को बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलनरत हैं। किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए विजय ने दोहराया कि वे प्रभावित ग्रामीणों की मांगों और उनकी चिंताओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राज्य के औद्योगिक विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत खेती की तबाही नहीं हो सकती।
केंद्र से मिली सैद्धांतिक मंजूरी और विपक्ष की प्रतिक्रिया
उल्लेखनीय है कि कांचीपुरम जिले के परंदूर में अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के प्रस्ताव को अप्रैल 2025 में ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय से 'इन-प्रिंसिपल' (सैद्धांतिक) मंजूरी मिल चुकी थी। सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री और डीएमके नेता थंगम थेन्नारसु ने कहा कि चेन्नई को वैश्विक पटल पर प्रतिस्पर्धी बनाए रखने और श्रीपेरंबदूर के औद्योगिक हब को देखते हुए परंदूर सबसे उपयुक्त स्थान चुना गया था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि परियोजना रोकने से राज्य की आर्थिक प्रगति और हवाई कनेक्टिविटी की रैंकिंग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।


