इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित 5 स्टार सयाजी होटल में निरीक्षण के दौरान व्यापक अनियमितताएं और भारी गंदगी पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर आईएएस शिवम वर्मा के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने होटल के किचन को सील कर दिया था और उसका बार लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद अब कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
लापरवाही पर तहसीलदार को शोकाज नोटिस और ट्रांसफर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का तय समय-सीमा के भीतर निराकरण न करने पर हातोद के तहसीलदार गोविंदसिंह ठाकुर को कड़ा शोकाज (कारण बताओ) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, तहसीलदार ठाकुर को आगामी आदेश तक जिला निर्वाचन कार्यालय में संलग्न करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। आईएएस शिवम वर्मा का यह सख्त प्रशासनिक रवैया और कार्यप्रणाली अक्सर चर्चा का केंद्र रहती है।
इंदौर से पुराना नाता और जमीनी कार्यशैली
कलेक्टर शिवम वर्मा का इंदौर शहर से पुराना और गहरा नाता रहा है। जिला कलेक्टर के रूप में कमान संभालने से पहले वह इंदौर में नगर निगम कमिश्नर के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें शहर की स्थानीय व्यवस्थाओं, नगर निगम के कामकाज और प्रशासनिक तंत्र की गहरी समझ है।
आईएएस शिवम वर्मा की कार्यशैली का सबसे अहम हिस्सा 'जनसुनवाई' और मैदानी स्तर पर औचक निरीक्षण करना है। हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में वह आम नागरिकों की समस्याएं बेहद गंभीरता से सुनते हैं और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। उनकी इस सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए प्रशासनिक हलकों में उनकी गिनती खासे तेज-तर्रार अधिकारियों में होती है।


