जयपुर: आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की प्रशासनिक तैयारियों को लेकर शासन सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में एक उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित इस सत्र में प्रदेश भर के जिलों से नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रबंधन को सुदृढ़ करना और प्रशासनिक स्तर पर आ रही व्यावहारिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना था।
चुनावी तैयारियों और मतदाता सूची का जायजा
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ने प्रत्येक जिले की प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया और मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण व अद्यतन कार्य की वर्तमान स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से पाबंद किया कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने तथा दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैंप जैसी जरूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए।
काम में ढिलाई पर आयोग का कड़ा रुख
निर्वाचन की तैयारियों में शिथिलता दिखाने वाले अधिकारियों और जिलों को लेकर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। सभी अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करने और आयोग के दिशानिर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।
प्रक्रियात्मक दक्षता और निष्पक्ष चुनाव का संकल्प
कार्यशाला में रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन पत्रों की संवीक्षा, मतदान प्रक्रिया, ईवीएम प्रबंधन और मतगणना से जुड़े विभिन्न वैधानिक प्रावधानों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों की विभिन्न व्यावहारिक शंकाओं का समाधान करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आपसी समन्वय पर बल दिया। आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी, निर्विघ्न और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी प्रशासनिक मशीनरी को सजग और मुस्तैद रहने का आह्वान किया।


