धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के ग्राम कोर्रा में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कियोस्क सेंटर में ग्राहकों के साथ बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कियोस्क सेंटर का संचालक केशव साहू ग्राहकों से पैसे लेकर खातों में जमा नहीं करता था और फर्जीवाड़े को अंजाम देकर फरार हो गया है।
फर्जी एंट्री कर ग्राहकों को देता था धोखा
भखारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोर्रा में एसबीआई का कियोस्क सेंटर संचालित करने वाले केशव साहू पर आरोप है कि वह ग्रामीणों और ग्राहकों से नकद राशि तो जमा करवा लेता था, लेकिन उसे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं करता था। ग्राहकों को किसी प्रकार का शक न हो, इसके लिए वह उनकी बैंक पासबुक में अपने पास से पेन से ही जमा राशि की एंट्री कर देता था। जब कुछ जागरूक ग्राहकों ने अपने खातों की वास्तविक स्थिति की जांच कराई, तो उन्हें इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चला। मामला उजागर होने के बाद से ही आरोपी संचालक फरार चल रहा है।
1 करोड़ से अधिक की ठगी का अनुमान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) धमतरी डीसी पटेल ने जानकारी दी है कि शुरुआती जांच में करीब 1 करोड़ 75 हजार रुपये की हेराफेरी और ठगी की बात सामने आई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जांच के दौरान बैंक से जुड़े दस्तावेजों, खातों के रिकॉर्ड और पिछले कई सालों के लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
साल 2013 से चल रहा था खेल
प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि कियोस्क संचालक वर्ष 2013 से लेकर 2025 तक इस तरह की अनियमितताओं को अंजाम दे रहा था। शुरुआत में जब कुछ मामले सामने आए थे, तब 10 खाताधारकों के लगभग 68.35 लाख रुपये फंसे होने की बात कही गई थी। लेकिन जैसे-जैसे अन्य खाताधारकों के रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ी, ठगी का यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 75 हजार रुपये तक पहुंच गया। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी से कुल कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ितों की वास्तविक संख्या और ठगी गई कुल राशि का पूरा विवरण स्पष्ट हो सकेगा।


