मुंबई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के युवाओं से संवाद पर आधारित 'छात्रों की गूंज' अभियान का अगला पड़ाव नागपुर हो सकता है। पुणे में आयोजित सफल कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने अगले आयोजन के लिए नागपुर का प्रस्ताव केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है। पार्टी की रणनीति छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर संवाद कायम करने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय वाले शहर से भाजपा को सीधा राजनीतिक संदेश देने की है।
पुणे के बाद नागपुर पर दांव, RSS पर निशाने की तैयारी
'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी, जिसके बाद देहरादून, प्रयागराज और हाल ही में पुणे में इसके सफल सत्र आयोजित किए गए। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, शुरुआत में पुणे, नागपुर और लातूर को संभावित स्थलों के रूप में चुना गया था। पुणे के बाद अब नागपुर में कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, पार्टी के रणनीतिकार उत्तर प्रदेश और बिहार के विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, जिस पर अंतिम फैसला जल्द होने वाली समिति की बैठक में लिया जाएगा।
पुणे में राहुल ने उठाया महिलाओं और लैंगिक असमानता का मुद्दा
पुणे में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवतियों और महिलाओं से जुड़े सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने देश में महिलाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कई आंकड़े साझा किए:
सामाजिक प्रतिबंध: देश में लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं को अकेले बाहर जाने की स्वतंत्रता नहीं है, जबकि 85 प्रतिशत महिलाओं को नौकरी या व्यवसाय के लिए परिवार से अनुमति लेनी पड़ती है।
शिक्षा व रोजगार: शादी और घरेलू जिम्मेदारियों के चलते करीब 45 प्रतिशत लड़कियों को पढ़ाई या नौकरी बीच में ही छोड़नी पड़ती है। संपत्ति के मामले में महज 8 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर स्वामित्व है।
घरेलू श्रम में असमानता: 15 से 29 वर्ष की लड़कियां रोजाना औसतन 5.5 घंटे घरेलू कामों में बिताती हैं, जबकि इस आयु वर्ग के लड़के मात्र आधा घंटा ही इन कामों में योगदान देते हैं।
सुरक्षा और अपराध: सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से यौन उत्पीड़न के लगभग 99 प्रतिशत मामले दर्ज ही नहीं हो पाते।
यदि नागपुर को अगले कार्यक्रम के लिए हरी झंडी मिलती है, तो RSS के गढ़ में राहुल गांधी की यह जनसभा राजनीतिक और सांगठनिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।


