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    Homeखेलउस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया SEN को किया बायकॉट

    उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया SEN को किया बायकॉट

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान फिलिस्तीन मामले में एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। बारबाडोस में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू देने से मना कर दिया। इसके पीछे ख्वाजा ने एक दिलचस्प कारण बताया।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी केवल 180 रनों पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेविस हेड ने सबसे ज्यादा 59 रन और उस्मान ख्वाजा ने 47 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाया। पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद ख्वाजा को पोस्ट मैच इंटरव्यू के लिए ऑस्ट्रेलियाई स्पोर्ट्स रेडियो स्टेशन SEN ने बुलाया। हालांकि, SEN का माइक देखते ही उस्मान ख्वाजा ने इंटरव्यू देने से मना कर दिया।

    अपने ही जर्नलिस्ट को किया बर्खास्त
    बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई मीडिया SEN ने फरवरी में फिलिस्तीन का सपोर्ट करने पर अपने ऑस्ट्रेलियन फ्रीलांस जर्नलिस्ट पीटर लेलोर को बर्खास्त कर दिया था। इसका उस्मान ख्वाजा ने विरोध किया था। ये सब कुछ श्रीलंका के गाले में हुए टेस्ट मैच के दौरान घटा था। उस दौरान पीटर लेलोर ने इजरायल के हवाई हमले और फिलिस्तीनी कैदियों को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था।

    फिलिस्तीन का किया था समर्थन
    फ्रीलांस जर्नलिस्ट पीटर लेलोर को फिलिस्तीन का सपोर्ट करना भारी पड़ गया था। उनकी नौकरी चली गई थी। नौकरी जाने के बाद लेलोर ने ट्वीट किया था कि मेरे कुछ दोस्त डरे हुए हैं और मैंने बातचीत के दौरान उनकी आवाज में डर देखा है। ये एक भयानक स्थिति है, लेकिन गाजा भी ऐसा ही है। उस समय उस्मान ख्वाजा ने पीटर लेलोर के पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और कैप्शन में लिखा था कि ये बहुत गलत हुआ है।

    ख्वाजा ने जूते पर लिखा था खास संदेश
    चार महीने पहले हुए इस मामले पर उस्मान ख्वाजा की नाराजगी अब भी कायम है और पहले टेस्ट मैच के पहले दिन इसकी बानगी देखने को मिली। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा भी फिलिस्तीन का समर्थन कर चुके हैं। साल 2023 में ख्वाजा ने एक टेस्ट मैच के दौरान अपनी किट पर फिलिस्तीन के समर्थन में कुछ संदेश लिखवाए थे। साथ ही जूतो पर भी खास संदेश लिखा। इसके चलते उन्हें ICC ने कड़ी फटकार लगाई थी।

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