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    साइबर ठगी को लेकर आशीष विद्यार्थी ने किया चौंकाने वाला खुलासा, बोले- ‘बहुत रियल लगता है फ्रॉड’

    मुंबई| देश में ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी के लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रसिद्ध अभिनेता आशीष विद्यार्थी लोगों को इस गंभीर खतरे के प्रति जागरूक करने की एक बड़ी मुहिम से जुड़ गए हैं। एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि वे खुद भी इसका शिकार रह चुके हैं। अभिनेता ने कहा कि आज के समय में डिजिटल ठगी के तरीके इतने शातिर और वास्तविक लगते हैं कि कई बार पढ़े-लिखे लोगों को भी यह यकीन नहीं होता कि वे किसी बड़े स्कैम का हिस्सा बन रहे हैं।

    'मैं खुद इस फ्रॉड का विक्टिम रह चुका हूं'

    आशीष विद्यार्थी ने चर्चा के दौरान कहा कि तकनीक आज हमारी दैनिक जिंदगी का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य हमारे कामों को आसान बनाना है। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्व इसी तकनीक का दुरुपयोग कर आम जनता की जिंदगी और उनकी जीवनभर की गाढ़ी कमाई को हड़प रहे हैं। उन्होंने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं इस तरह के फ्रॉड का सामना कर चुके हैं, और साइबर ठग लोगों को इस प्रकार भ्रमित करते हैं कि शुरुआत में ठगी का अहसास तक नहीं होता।

    'डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती'

    लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे खतरनाक और नए दौर के फ्रॉड से आगाह करते हुए अभिनेता ने विशेष सलाह दी कि वे इसके झांसे में बिल्कुल न आएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार लोग अनजाने में इन शातिर ठगों के जाल में उलझ जाते हैं।

    आशीष ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि कानून या पुलिस व्यवस्था में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई भी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। इस तरह की बुनियादी और सटीक जानकारी लोगों को साइबर अपराधियों के झूठे डर और मानसिक दबाव से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

    तकनीक का इस्तेमाल समझदारी और सावधानी से करें

    एक्टर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य तकनीक के इस्तेमाल को बंद करना नहीं, बल्कि लोगों को उसका समझदारी से उपयोग करना सिखाना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि एटीएम (ATM) और ओटीपी (OTP) जैसी आधुनिक सुविधाएं हमारी सहूलियत के लिए बनाई गई हैं, लेकिन थोड़ी सी असावधानी से इनका उपयोग फ्रॉड के हथियार के रूप में भी किया जा सकता है।

    उन्होंने अंत में यही संदेश दिया कि डिजिटल दुनिया में पूरी सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, जिससे लोग अपनी और अपने परिवार की जीवनभर की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं।

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